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हल्दुधार। ग्राम हल्दुधार में वर्षों से संचालित सूअर पालन केंद्र से फैल रही दुर्गंध के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैली बदबू के कारण लोगों का घरों में रहना, भोजन करना और स्वच्छ वातावरण में सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। इस समस्या से विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएं प्रभावित हो रही हैं।

समाजसेवी हेमन्त पाल आर्य ने कहा कि “घनी आबादी के बीच वर्षों से संचालित हो रहे इस सूअर पालन केंद्र को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है और प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए इसे आबादी क्षेत्र से हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए।”

भावना देवी ने कहा कि “गांव में फैल रही दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वर्षों से समस्या बनी हुई है लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन को ग्रामीणों की पीड़ा समझते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए।”

समाजसेवी सूरज जगरिया ने कहा कि “ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा केवल आश्वासन दिए गए हैं। सूअर पालन केंद्र से फैल रही दुर्गंध ने लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित कर दिया है। कई परिवारों को भोजन करने तक में परेशानी हो रही है और बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जनहित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”

दीवान कनेरा ने कहा कि “ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। गांव के लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में रहने का अधिकार है।”

ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि गांव के मध्य स्थित सूअर पालन केंद्र को तत्काल हटाकर आबादी क्षेत्र से दूर स्थानांतरित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है तथा बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर भावना देवी, सुपली देवी, बरखा आर्या, पुष्पा देवी, सरस्वती देवी, खिमूली देवी, हिरा देवी, विमला जोशी, ममता गोस्वामी, समाजसेवी हेमन्त पाल आर्य, समाजसेवी सूरज जगरिया, मनोज आर्या, रोहित आर्या, विक्रम गोस्वामी, दीवान कनेरा, दुर्गा राम, चन्दन राम, खुशहाल राम, नैन राम, गुलसन राम, मनोज राम, भानु सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

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