Spread the love

  • नोएडा से लेकर मदरसन, आंगनबाड़ी, सिडकुल तक सभी मजदूरों के सम्मानजनक वेतन की मांग का समर्थन, मुकदमे वापस लेने की मांग।

22 अप्रैल 2026 को भाकपा (माले) की 57 वीं वर्षगांठ पर हेड मास्टर निशान सिंह भवन में बैठक आयोजित की गई. बैठक की शुरुआत शहीदों को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. उसके पश्चात भाकपा (माले)केंद्रीय कमेटी द्वारा स्थापना दिवस पर जारी किए गए आह्वान का पाठ किया गया.

भाकपा माले के जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि भाकपा(माले), नक्सलबाड़ी के किसान विद्रोह की ज्वाला से उपजी पार्टी है. एक ऐसी पार्टी जिसने समूचे कम्युनिस्ट आंदोलन की क्रांतिकारी विरासत को गर्व के साथ ग्रहण किया और तमाम मुश्किलों में भी जनता की शक्ति, साहस और पहलकदमी से ऊर्जा ग्रहण करते हुए खुद को निरंतर नवीनीकृत किया. दुनिया भर के शासक वर्ग समय-समय पर कम्युनिस्ट आंदोलन के खात्मे की घोषणा करते रहे हैं पर ऐसी तमाम घोषणाओं को धता बताते हुए कम्युनिस्ट आंदोलन बार-बार उठ खड़ा हुआ है.

भाकपा(माले) नेता अमनदीप कौर ने कहा कि आज जब हम अपना 57 वां स्थापना दिवस मना रहे हैं, तब हम भारत के मेहनतकश वर्ग में असंतोष के नए चिन्ह देख सकते हैं. पूरे देश में लाखों भारतीयों को अपने वोट के अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो संविधान के लागू होने के दिन से भारत के लोगों को हासिल सबसे मूलभूत संवैधानिक अधिकार रहा है, जिसका उपभोग पीढियों से देशवासी करते आ रहे हैं. बड़ी मुश्किल से महिला आरक्षण विधेयक बनाया गया लेकिन उसे लागू करने में भाजपा सरकार साजिशन परिसीमन बिल से जोड़कर पेश कर रही है। स्पष्ट है कि मोदी सरकार की मंशा उसे लागू करने की है ही नही। मजदूरों में नयी श्रम संहिताओं के खिलाफ, ख़ास तौर पर काम के अधिक घंटे थोपे जाने के खिलाफ, प्रतिरोध खड़ा हो रहा है. नोएडा से लेकर मदरसन और आंगनबाड़ी से लेकर सिडकुल तक सभी जगहों पर सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा के लिए आंदोलन हो रहे हैं और भाजपा की राज्य सरकारें उनका दमन कर रही हैं.

वक्ताओं ने कहा कि, आज फासीवादी हुक्मरान, राष्ट्र और उसकी जनता के साथ साम्राज्यवाद के आशीर्वाद से दमन और छल कर रहे रहे हैं और कम्युनिस्टों को बदनाम कर रहे हैं , तो भाकपा(माले) को कम्युनिस्ट परचम उठा कर सही मायनों में संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के संघर्ष की अगुवाई करनी होगी.

आह्वान किया गया कि, हर संभव तरीके से भाकपा(माले) का विस्तार करें, उसे मजबूत करें ताकि हमारे महान शहीदों के सपनों को साकार किया जा सके और देश व हमारी महान जनता की सेवा की जा सके.

भाकपा (माले) ने मांग की कि नोएडा से लेकर मदरसन और आंगनबाड़ी से लेकर सिडकुल तक सभी जगहों पर आंदोलन कर रहे मजदूरों की सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग को पूरा किया जाय. साथ ही न मजदूर आंदोलन में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई गई.

स्थापना दिवस बैठक में ललित मटियाली, अमनदीप कौर, अनिता अन्ना, ज्ञानी सुरेन सिंह, उत्तम दास, दर्शन सिंह, रंजन विश्वास, सत्यवीर सिंह, प्रीति, जगजीत कौर, नवजोत सिंह आदि शामिल रहे।

You cannot copy content of this page