सितारगंज:(अश्वनी दीक्षित) संपूर्णानंद शिविर, सेंट्रल जेल सितारगंज में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर ने एक बड़े जनस्वास्थ्य अभियान का रूप ले लिया, जहां सेंट्रल टीबी डिवीजन (भारत सरकार) के दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रिकॉर्ड स्तर पर 371 बंदियों की गहन टीबी (क्षय रोग) स्क्रीनिंग कर 14 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए; मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल के नेतृत्व और जेल अधीक्षक अनिरुद्ध मलिक के सक्रिय सहयोग में चले इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने न केवल जांच की बल्कि बंदियों को टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव, पौष्टिक आहार और नियमित उपचार की अनिवार्यता पर विस्तार से जागरूक किया, साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया कि समय रहते पहचान और पूरा इलाज ही इस घातक बीमारी को जड़ से खत्म कर सकता है; शिविर को सफल बनाने में जिला पीएमडीटी समन्वयक नवल, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुनील राय, सीएचओ डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. कविश अहमद, डॉ. शिवांगी व्यास, डॉ. सुनीता साना सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम और टीआई क्षेत्र में कार्यरत सहयोगी संस्थाओं के अनिल, दीपक, इरफान, धर्मेंद्र व अन्य सदस्यों ने दिनभर जुटकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि जेल प्रशासन के पूर्ण सहयोग से बिना किसी व्यवधान के शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य हासिल कर यह साबित किया गया कि संवेदनशील परिसरों में भी सुनियोजित प्रयासों से ‘टीबी मुक्त भारत’ का सपना तेजी से साकार किया जा सकता है।
