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नानकमत्ता साहिब, 18 जून 2026: पांचवें पातशाह, शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज का पावन शहीदी गुरुपर्व आज गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में बड़ी श्रद्धा, सम्मान और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।समागम के दौरान प्रसिद्ध रागी जत्थों, कथावाचकों एवं विद्वान प्रचारकों द्वारा गुरबाणी कीर्तन तथा गुरु साहिब के जीवन, बाणी और शहादत से संबंधित ऐतिहासिक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने गुरु अर्जन देव जी द्वारा मानवता, सत्य, सेवा और धर्म की रक्षा हेतु दिए गए महान बलिदान को स्मरण करते हुए संगत को गुरु साहिब के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
गुरुद्वारा साहिब में पहुंची संगत की सेवा के लिए ठंडे मीठे जल (छबील) तथा गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण कर गुरु घर की खुशियों का आनंद प्राप्त किया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगिंदर सिंह संधू ने कहा कि शहीदी गुरुपर्व के सभी प्रबंध सुव्यवस्थित ढंग से किए गए हैं तथा संगत की सेवा में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए कमेटी सदस्यों एवं सेवादारों ने पूरी निष्ठा के साथ सेवा निभाई है।
वहीं गुरुद्वारा साहिब के महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपाराय ने बताया कि शहीदी गुरुपर्व के संबंध में तैयारियां कई दिन पहले ही शुरू कर दी गई थीं। उन्होंने बताया कि गुरु अर्जन देव जी की पावन शहादत को समर्पित तीन दिवसीय नाम सिमरन समागम भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिदिन संध्या समय रहरास साहिब के उपरांत बड़ी संख्या में क्षेत्र की संगत ने भाग लेकर गुरबाणी से जुड़ने का लाभ प्राप्त किया।समागम की सफलता के लिए संगत ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं सेवादारों के प्रयासों की सराहना की।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।

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