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रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को किच्छा स्वास्थ्य केंद्र में धरना देकर आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। यूनियन ने आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन लागू करने सहित कई मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
इस दौरान यूनियन की जिैला उपसचिव अनीता अन्ना ने कहा कि भाजपा सरकार आशा कार्यकर्तीओ के श्रम का लगातार शोषण कर रही है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशाओं को न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही सरकार द्वारा लागू न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। इसके बावजूद आशाओं से स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के भी कई कार्य कराए जाते हैं।उन्होंने कहा कि 31 अगस्त 2021 को उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के आंदोलन के बाद खटीमा स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में आशाओं के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई थी। उस दौरान आशाओं को मासिक मानदेय निर्धारित करने तथा डीजी हेल्थ उत्तराखंड द्वारा आशाओं को लेकर तैयार प्रस्ताव लागू करते हुए 11,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया था। अनीता अन्ना ने कहा कि आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है, जो आशाओं के साथ वादाखिलाफी है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में महंगाई काफी बढ़ चुकी है, ऐसे में आशाओं की आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित हो रही है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन में वर्ष 2021 में किए गए वादे को पूरा करने, आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन लागू करने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था करने, आशाओं के श्रम की राशि का प्रत्येक माह भुगतान करने, ट्रेनिंग एवं पल्स पोलियो अभियान की राशि बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई।इसके अलावा आशाओं के साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा क्षसम्मानपूर्वक व्यवहार करने, प्रत्येक अस्पताल में आशा घर का निर्माण करने, अस्पतालों में डॉक्टर एवं स्टाफ की कमी दूर करने तथा मनमाने तरीके से आशाओं की छंटनी रोकने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही धरने में जिला उपसचिव अनीता अन्ना, दीपिका हालदार, उदीमार, निर्मला देवी, मोबिना, सिरेम देवी, प्रेमवती देवी, दक्षिणी देवी, परवीन देवी, बंधो देवी, फूलमती, राखी देवी, कंचन गुप्ता, लल्ली देवी, मीना देवी, नारद देवी, रेवती देवी, चंचला देवी, कुलवंत, सीता, रिंकू राणा, सबीना, लौंग श्री, प्रवीन देवी, सुविता, अमरवती, ममता मित्रा, रानी, अंगूरी देवी सहित अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

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