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रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल

सितारगंज उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ की ओर से शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने ओबीसी आयोग के सदस्य हरजिंदर सिंह खालसा के नेतृत्व में एडीएम पंकज उपाध्याय से मुलाकात कर वर्तमान टेंडर प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और इसे तत्काल निरस्त कर पुरानी टेंडर प्रक्रिया के आधार पर नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित कराने की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि राज्य सहकारी संघ द्वारा इस बार टेंडर प्रक्रिया में नई शर्तें लागू की गई हैं, जिसके चलते पूर्व में कार्य कर रहे कई पुराने ठेकेदार प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि नई शर्तें राइस मिलर्स के दबाव में लागू की गई हैं, जिससे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को बताया कि टेंडर प्रक्रिया में अचानक किए गए बदलाव का सीधा असर किसानों से जुड़े कार्यों और पूरी व्यवस्था पर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि मौजूदा टेंडर को निरस्त करते हुए पूर्व में निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि सभी पात्र ठेकेदारों को समान अवसर मिल सके और किसी विशेष वर्ग या समूह को अनुचित लाभ न मिले। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और वर्तमान टेंडर प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। किसानों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की। इस दौरान मंजीत सिंह खालसा, रजत सिंह, निंदर सिंह, नारायण सिंह, हरविंदर सिंह, मेजर सिंह, जसवंत सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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