चौरासी लाख योनियों में मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जो खुलकर हंस सकता है मुस्कुरा सकता है तथा एक दुसरे को देखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता है भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर हंसना भूल जाते है इसलिए हंसी को सेलीब्रेट करने के लिए खास दिन मनाया जाता है मई महीने का पहला रविवार। यदि हम स्वयं खुश व प्रसन्न रहेंगे तो यह खुशी हम दुनिया के लोगो में भी बांट सकते हैं अन्य लोगो को भी प्रसन्न कर रख सकते हैं हास्य दिवस मनाने के पीछे उद्देश्य लोगों को हंसने के लिए प्रेरित करना है तनाव मुक्त जीवन के लिए जागरूक करना है हंसी एक प्राकृतिक दवा का काम करती है इससे रक्तचाप नियंत्रित व आक्सीजन का स्तर बढ़ता है जो शारीरिक व मानसिक स्तर को सुधारता है यह शरीर के फैट बर्न करने में भी सहायक है इससे एंड्रोफिन फील गुड हार्मोन में वृद्धि होती है यह न सिर्फ दर्द में ही राहत नहीं देती बल्कि,डिप्रेशन एंजायटी घटाकर अच्छी नींद लाने में भी सहायक है इससे मुख की सभी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती है इससे चेहरा सुंदर व शरीर चिरयुवा लगता है तथा मनुष्य का औरा भी मजबूत बनता है जोर से हंसने बल्ड सर्कुलेशन अच्छा होता है जिससे आन्तरिक अंगों की मालिश होती है जिससे वह स्वस्थ बनते हैं इससे जबड़े व दांत भी मजबूत बनाये रखने में सहायक होते है हमें गहरी सांस भरकर बच्चों की तरह मस्ती से उन्मुक्त हंसी हंसनी चाहिए रावण की तरह ठाहके लगाकर निश्चल हसंना चाहिए कभी मुस्कराना व बिना आवाज वाली हंसी भी करनी चाहिए यह सब हास्य के प्रकार है हास्य से परस्पर विश्व शान्ति और भाईचारा को बढ़ावा मिलता है सकारात्मकता व दोस्ती में वृद्धि होती है इसकी शुरुआत लाफ्टर योगा मूवमेंट के संस्थापक मदन कटारिया ने1998 में मुंबई में की थी हंसी सब रोगों की मुफ्त दवा है इसे हमें अपने जीवन में अपनाकर जीवन में खुशहाली प्राप्त करनी चाहिए
प्रस्तुति –नरेश छाबड़ा
आवास-विकास रूद्रपुर
8630769754

विश्व हास्य दिवस,,,,