- महापौर ने नगर निगम में 100 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया सम्मानित
रुद्रपुर। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में नगर निगम सभागार में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में महापौर विकास शर्मा ने शहर के 100 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद लिया। महापौर ने शिक्षकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट करते हुए उन्हें समाज की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर बताया और शहर के विकास में अपने अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन से सहयोग देने का आह्वान किया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर विकास शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बड़ी संख्या में मौजूद सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके गुरुजनों की शिक्षा और संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गुरुजनों से जीवन में जो कुछ सीखा, उसे हमेशा व्यवहार में उतारने का प्रयास किया और आज जनता के सेवक के रूप में वही संस्कार शहर और समाज की सेवा करने की प्रेरणा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शहर के प्रथम नागरिक के रूप में लगातार दूसरी बार गुरुजनों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को आयोजित होना था, लेकिन अन्य कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते इसे बाद में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य की दिशा भी तय करते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन से ही सामान्य प्रतिभाएं आगे चलकर समाज और राष्ट्र की बड़ी जिम्मेदारियां संभालती हैं।
महापौर ने कहा कि लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में नगर निगम ने शहर को आगे बढ़ाने के लिए हर स्तर पर काम करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और सहयोग से शहर के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी शहर के लिए बहुत कुछ करना बाकी है और इसमें समाज के प्रबुद्ध वर्ग, विशेष रूप से शिक्षकों का अनुभव बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से कहा कि नगर निगम उन्हें केवल सम्मानित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मानता, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी चाहता है। पिछली बार भी सभी गुरुजनों को नगर निगम का ‘ब्रांड एंबेसडर’ घोषित किया गया था। शिक्षकों के अनुभव और सुझाव शहर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम की भूमिका केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। नगर निगम को एक बहुआयामी संस्था के रूप में विकसित कर समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी सोच के तहत युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शहर में जल्द डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना है।
डिजिटल लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबे शैक्षणिक अनुभव का लाभ भी विद्यार्थियों को दिलाया जाएगा। महापौर ने कहा कि कैरियर काउंसिलिंग, विषयगत मार्गदर्शन और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में पूर्व शिक्षकों का सहयोग लिया जा सकता है। उनकी कोशिश होगी कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल पढ़ने का स्थान न रहकर युवाओं के लिए मार्गदर्शन और भविष्य निर्माण का केंद्र बने। उन्होंने बताया कि युवतियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी नगर निगम काम कर रहा है। बजाज कंपनी के साथ एमओयू के माध्यम से प्रतिवर्ष करीब 300 युवतियों को विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है।
महापौर ने कहा कि सरकारी विद्यालयों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए भी नगर निगम अपने स्तर पर हरसंभव सहयोग करेगा। शिक्षकों और विद्यालयों की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जो व्यावहारिक सुझाव और आवश्यकताएं सामने आएंगी, उन पर गंभीरता से काम किया जाएगा। उन्होंने गुरुजनों से कहा कि सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार के लिए वे जो भी उचित सुझाव देंगे, नगर निगम उन्हें पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुद्रपुर के विकास के लिए विशेष सहयोग मिल रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में भी संसाधनों के विस्तार में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए महापौर ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। नई पीढ़ी को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक ज्ञान, कौशल, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना से जोड़ने की दिशा में नई शिक्षा नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। महापौर ने कहा कि रुद्रपुर को स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित और प्रदेश का मॉडल शहर बनाने का लक्ष्य केवल नगर निगम के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। विशेष रूप से लंबे समय तक समाज और नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव का लाभ शहर को मिलना चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन का कुछ समय शहर हित के लिए भी नगर निगम को दें। उनके सुझावों और अनुभवों के आधार पर शिक्षा, पर्यावरण, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता और युवा विकास जैसे क्षेत्रों में नई योजनाएं बनाई जा सकती हैं। महापौर ने कहा कि गुरुजनों का मार्गदर्शन नगर निगम के लिए केवल सुझाव नहीं, बल्कि शहर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार होगा।
कार्यक्रम में भाजपा मण्डल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, पार्षद पवन राणा, संदीप धीर, ब्रम्हस्वरूप गंगवार, सुमन व्यास, चन्द्रपाल, विनय द्विवेदी, बाबू मजूमदार,शिप्रा दत्ता, गायत्री पाण्डे, कलावती भट्ट, रजनी मिश्रा, रविन्द्र सिंह धामी, विश्वनाथ शर्मा, कैलाश सक्सेना, पार्षद वीनू, दया किशन दनाई, मो. अनीस, गायत्री पाण्डे, रजनी मिश्रा, माया देवी, रविन्द्रनाथ मण्डल, विधान दास, प्रताप कुमार, अनूप दत्ता, अंजलि विश्वास, उमा देवी, कृष्ण अंतकर, काकूली मण्डल, काली दास, शिप्रा दत्ता, तपनशील, अजय कुमार तिवरी, सुमन व्यास, सुमन आर्या, जाकिर अली, गीता भट्ट, रमा सिंघल, राम चन्द्र शर्मा, कैलश सक्सेना, सीमा ढींगरा, कलावती भट्ट, सरोज रावल, चंपा सती, सीमा नैथानी, वंदना शर्मा, रेखा बोढ़ाई, सविता जीवन दाय, संदीप धीर, पंकज मिगलानी, नरेश कुमार, राजकुमारी कन्नौजिया, कैलाश राजपूत, नीरू रानी, कैलाश गिरी, विश्वनाथ शर्मा, रमाकांत शर्मा, विजय द्विवेदी, नीमा पाण्डे, अल्का मदान, शोभा रावत, बीएस गंगवार, प्रीति गोयल, वेद प्रकाश गंगवार, कलावती शर्मा, जसविंद कौर, धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, गिरीश शर्मा, मनोज जोशी,मधुबाला, शिखा दीक्षित, प्रदीप कुमार, अराधना सिंह, रेखा सेमवाल,रश्मि गोयल, लालता प्रसाद, तेज प्रकाश शर्मा, भूप राम, माधुरी यादव, शिवांगी शंखधर, श्रीमती सुमन वर्मा, चन्द्रपाल सिंह, उमा रानी, जसमीत कौर, धीरज पाण्डे, मोहन उपाध्याय, रवि फुलेरा, जगदीश उपाध्याय, कुसुम पाल, मनोज जोशी, नीलिका सिंह, विरेन्द्र सिंह बिष्ट, कृष्ण कुमार शर्मा आदि सहित 100से अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकायंे थी।
इनसेट
गुरुजनों ने दिया आशीर्वाद, बोले- बदलते रुद्रपुर में दिखाई दे रही नई सोच
शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों ने भी खुलकर अपने विचार रखे और महापौर विकास शर्मा की पहल की सराहना की। गुरुजनों ने कहा कि जीवन का बड़ा हिस्सा विद्यार्थियों और समाज को दिशा देने में लगाने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक मंच पर बुलाकर सम्मानित करना अपने आप में सुखद और भावनात्मक अनुभव है। लगातार दूसरी बार इतने बड़े स्तर पर शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित कर नगर निगम ने यह संदेश दिया है कि शहर अपने गुरुजनों के योगदान को न केवल याद रखता है, बल्कि उनके अनुभवों को भी सम्मान देता है।
वक्ताओं ने कहा कि सम्मान केवल स्मृति चिन्ह या प्रशस्ति पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महापौर ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शहर के विकास से जोड़ने और उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल की है। डिजिटल लाइब्रेरी, कैरियर काउंसिलिंग और सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं में अनुभवी शिक्षकों की सहभागिता युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
कई सेवानिवृत्त शिक्षकों ने महापौर विकास शर्मा की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि कम समय में शहर की समस्याओं को लेकर सक्रियता और नई योजनाओं पर काम दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि विकास केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा, संस्कार, युवा भविष्य और सामाजिक सहभागिता भी शहर के विकास का हिस्सा होनी चाहिए और नगर निगम की वर्तमान सोच इस दिशा में सकारात्मक पहल है।
गुरुजनों ने कहा कि शहर को बेहतर बनाने के लिए यदि उनके ज्ञान, अनुभव और समय की आवश्यकता पड़ती है तो वे नगर निगम का सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने महापौर को आशीर्वाद देते हुए शहर के विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने और शिक्षा व युवा हित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने की अपेक्षा जताई।




