किच्छा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति ने बुधवार को कोतवाली किच्छा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए विवेचकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में एसएसपी ने आम जनता की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी अजय गणपति ने कोतवाली कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, हवालात तथा मेस का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने सरकारी अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा शस्त्रों के सुरक्षित रखरखाव को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए।
इस दौरान कोतवाली में तैनात सभी विवेचकों का ओआर लिया गया तथा लंबित विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निस्तारण साक्ष्यों के आधार पर पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में किया जाए। उन्होंने गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही चेतावनी दी कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के उपरांत कोतवाली परिसर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, यातायात व्यवस्था में सुधार तथा क्षेत्र की सुरक्षा से संबंधित समस्याएं उठाईं। एसएसपी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
एसएसपी अजय गणपति ने क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने, गश्त को सुदृढ़ करने और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद से कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर एसएसपी ने आमजन से पुलिस का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही सुरक्षित और सुदृढ़ समाज का निर्माण संभव है।
