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रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल

सितारगंज मे विजार्ड हुब प्राइवेट लिमिटेड की ग्रैंड ओपनिंग सितारगंज। भारतीय हस्तकला, हस्तनिर्मित एवं स्वदेशी उत्पादों को आधुनिक डिजिटल बाजार से जोड़ने की दिशा में एक नई और सराहनीय पहल की गई है। इस मौके पर मुख्य रूप से पहुंचे सितारगंज नगर पालिका अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने बताया आज मोमी गार्डन, सितारगंज में विजार्डहुब प्राइवेट लिमिटेड की ग्रैंड ओपनिंग के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कंपनी का शुभारंभ करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।कंपनी के माध्यम से भारतीय हस्तकला, हस्तनिर्मित एवं स्वदेशी उत्पादों को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल के तहत हस्तशिल्प, टैक्सटाइल, फैब्रिक्स आर्ट्स एवं पेंटिंग, लकड़ी एवं चमड़े से निर्मित हस्तशिल्प सामग्री तथा अन्य विभिन्न उत्पादों को डिजिटल बाजार से जोड़ने की योजना है‌ कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारतीय हस्तकला और स्वदेशी उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाना, कारीगरों एवं उत्पादकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना तथा उनके उत्पादों को देश-दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचाने में सहयोग करना है। इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों मे भारतीय हस्तकला को व्यापक बाजार तक पहुंचाना।कारीगरों एवं उत्पादकों को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना स्थानीय कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए बड़े बाजार से जोड़ना 100 प्रतिशत स्वदेशी एवं हस्त निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देना भारत की पारंपरिक कला, संस्कृति और हुनर को नई पहचान दिलाना डिजिटल माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं और भारतीय उत्पादों को देश-दुनिया तक पहुंचाना शामिल है आज के डिजिटल युग में यदि गांवों और छोटे शहरों के कारीगरों एवं उत्पादकों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, तो यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि “लोकल से ग्लोबल” की सोच को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।जानकारी के अनुसार, विजार्ड हुब प्राइवेट लिमिटेड का गठन वर्ष 2026 में किया गया है और कंपनी सार्वजनिक कॉर्पोरेट रिकॉर्ड में वर्तमान में एक सक्रिय प्राइवेट कंपनी के रूप में दर्ज है।इस महत्वपूर्ण पहल के लिए कंपनी के सीईओ श्री अपूर्व व्यास, डायरेक्टर सरदार पलविंदर सिंह औलख, गुरविंदर सिंह, नवदीप सिंह, वासिम हसन सहित कंपनी की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।भारतीय कला, संस्कृति और कारीगरों के हुनर को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हें व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में कंपनी का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है। उम्मीद है कि यह पहल स्वदेशी उत्पादों को सम्मान को बढ़ाने के साथ-साथ भारत के हुनर को दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।आइए, स्वदेशी को अपनाएं, भारतीयकारीगरों के हुनर का सम्मान बढ़ाएं और भारत की कला एवं संस्कृति को विश्व पटल तक पहुंचाएं।

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