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सितारगंज:(अश्वनी दीक्षित) नगर में प्रत्येक मंगलवार को मेडिकल स्टोर बंद रखने की व्यवस्था अब आम जनता के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है, जिसको लेकर खोखा, फड़, ठेला एवं लघु व्यापार यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता (नीरु) ने मेडिकल एसोसिएशन सितारगंज को सख्त शब्दों में पत्र प्रेषित कर इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शहर में सप्ताह के एक दिन सभी मेडिकल स्टोर बंद रहने से आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक बीमारी, दुर्घटना या आपात स्थिति में दवाइयों के लिए लोगों को भटकना पड़ता है और कई बार दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना मजबूरी बन जाता है। सबसे ज्यादा असर गरीब तबके, दिहाड़ी मजदूरों, ठेला-फड़ व्यापारियों और छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा है, जिनके पास सीमित संसाधन होते हैं और समय पर इलाज न मिलने से उनकी स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इतना ही नहीं, पशुपालकों को भी अपने बीमार पशुओं के लिए दवाइयों के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। यूनियन ने इस व्यवस्था को अमानवीय बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवा को किसी भी दिन बाधित नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंगलवार को मेडिकल स्टोर खोलने का निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापारियों और आम जनता को साथ लेकर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यूनियन ने मेडिकल एसोसिएशन से मानवीय आधार पर निर्णय लेते हुए पूर्व की भांति सभी मेडिकल स्टोर नियमित रूप से खोलने की मांग की है, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके और किसी भी आपात स्थिति में उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध हो सके।

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