आगे-पीछे नंबर प्लेट गायब, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
आम जनता पर सख्ती, सरकारी वाहनों पर मेहरबानी!
गदरपुर। नगर पालिका परिषद गदरपुर में सफाई व्यवस्था के नाम पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर और वार्डों से कूड़ा एकत्रित करने वाले कई छोटा हाथी और पिकअप वाहन बिना आगे और पीछे की नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब आम लोगों के वाहनों पर नंबर प्लेट न होने पर चालान काट दिए जाते हैं, तो आखिर सरकारी कार्य में लगे इन वाहनों पर नियम क्यों लागू नहीं हो रहे?
इन वाहनों को रोजाना शहर की व्यस्त सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में देखा जा सकता है, लेकिन अधिकांश वाहनों पर पहचान के लिए जरूरी नंबर प्लेट ही नहीं लगी है। यदि इनमें से किसी वाहन से कोई सड़क दुर्घटना हो जाए या कोई अन्य अप्रिय घटना घट जाए तो वाहन की पहचान कैसे होगी और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार प्रत्येक वाहन पर आगे और पीछे स्पष्ट रूप से नंबर प्लेट लगी होना अनिवार्य है। इसके बावजूद नगर पालिका के वाहनों का खुलेआम नियमों का उल्लंघन करना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस और परिवहन विभाग आम नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान करते हैं, तब इन सरकारी वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
लोगों का आरोप है कि नियम केवल आम जनता के लिए ही बनाए गए हैं, जबकि सरकारी विभागों के वाहनों पर अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। नागरिकों ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि बिना नंबर प्लेट चल रहे पालिका के सभी वाहनों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित हो सके।

