नानकमत्ता। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के पूर्व मैनेजर एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लंबे समय तक सेवाकार्य से जुड़े भाई सरदार रणजीत सिंह का बुधवार को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में तराई क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों से हजारों की संख्या में सिख संगत एवं श्रद्धालु शामिल हुए और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
भाई रणजीत सिंह ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में लगभग 35 वर्षों तक निस्वार्थ सेवा की। इनमें करीब 15 वर्ष सेवक के रूप में तथा लगातार 20 वर्षों तक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजर के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने जीवन के अंतिम समय तक गुरुघर की सेवा करते हुए अपनी सेवाएं जारी रखीं।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगिंदर सिंह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भाई रणजीत सिंह अत्यंत सरल, ईमानदार और सेवा-भाव से परिपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने दो दशकों तक मैनेजर के रूप में गुरुद्वारा साहिब की व्यवस्थाओं को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संभाला। उनका निधन गुरुघर की सेवा करते हुए होना पूरे सिख समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
वहीं, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार अमरजीत सिंह ने कहा कि इतने लंबे समय तक निस्वार्थ भाव से सेवा करना अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि भाई रणजीत सिंह का समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
अंतिम यात्रा एवं अंतिम संस्कार में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगिंदर सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह, गुरुद्वारा गुरु का ताल सितारगंज के जत्थेदार भाई पाल सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार राज्यपाल सिंह, सरदार गुरवंत सिंह सोनी, सरदार सुखवंत सिंह, सरदार बलदेव सिंह चीमा, सरदार बाग सिंह, सरदार लक्खा सिंह, बाबा दारा सिंह, बाबा दिलबाग सिंह, बाबा जसवीर सिंह, बाबा दरबार सिंह, गुरदीप सिंह चौहान, रणजीत सिंह राणा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं संगत उपस्थित रही।
