Spread the love

राज कमल गोयल
देहरादून 21 अप्रैल 2026। जीवन है तो कायकष्ट और रोग भी हैं. इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है कि –

नास्तिचिकित्सकोंसमा बन्धुः नास्ति चिकित्सकसमः सुहृत्। रोगिणां दुःखनाशाय सदा यः प्रयतते॥

इधर-उधर चिकित्सोपरांत भाकियू (सर्व) राष्ट्रीय सलाहकार कमलेश कुमार शर्मा ने अपने कर्ण कष्ट को लेकर हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट के प्रसिद्ध नाक कान गला विशेषज्ञ सर्जन (Otorhinolaryngologist) डॉक्टर लवनीश कुमार से भेंट की तो तीन माह लंबे उपचार के बाद वे स्वस्थ हो कष्ट मुक्त भी हुए और संतुष्ट भी. अब वे अपने परिचितों को भी निसंकोच डॉक्टर लवनीश कुमार की संस्तुति भी करते हैं। अभी समय-समय पर स्वयं उनके इलाज का अनुश्रवण चल रहा है.

श्री कमलेश कुमार शर्मा का कहना है कि रोगी का आधा इलाज तो विश्वसनीय चिकित्सक की खोज और भरोसे से ही हो जाता है. आज पुन: श्री शर्मा अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मधुबाला शर्मा और पुत्र मधुकांत भारद्वाज के साथ डॉक्टर लवनीश कुमार और उनके सहयोगी चिकित्सकों डॉक्टर अदिति बर्थवाल और शुभांगी से उनके कार्यालय में मिले.

उन्होने उनके अन्य रोगियों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि डॉक्टर लवनीश कुमार के चिकित्सा कौशल और व्यवहार से उनका और उनके चिकित्सालय का यश चतुर्दिक फैल रहा है जिससे और रोगियों की भी उन तक पहुंच होगी क्योंकि लाभान्वित रोगियों की अनुभूति से ही पीड़ित रोगी प्रभावित होकर इस हॉस्पिटल में आ रहे हैं. उन्होने डॉक्टर लवनीश कुमार और ऐसे गुणी चिकित्सक को सेवा का अवसर देने वाले हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट को शुभकामनायें देते हुए कहा कि हिमालयी योगी स्वामी राम ने इस संस्थान को स्थापित करते जिस लोककल्याण की नींव रखी थी, वह अब सबको पूरा होता हुए दिख रहा है।

डॉक्टर लवनीश कुमार तथा उनकी टीम की भाकियू (सर्व) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड प्रभारी अनिल शर्मा ,वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता रवींद्रनाथ कौशिक, राष्ट्रीय सचिव लोकेश शर्मा, उत्तराखंड प्रवक्ता राजकमल गोयल, प्रदेश संगठन सचिव गोपाल भारद्वाज , सुश्री मालती शर्मा, खानपुर से श्री मनोज शर्मा, देहरादून श्री कमलेश कुमार शर्मा की परिचर्या में रहे सुपुत्र श्री मधुकांत भारद्वाज, शामली से सुपुत्री पुनीता (मोनिका) शर्मा तथा धर्म पत्नी श्रीमती मधुबाला शर्मा ने भी सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.

You cannot copy content of this page