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  • सफाई कर्मचारी संघ ने कहा- सड़क दुर्घटना को हमले का रूप देकर मामले को दिया गया तूल
  • आंदोलन में सहयोग के महापौर सहित अन्य सभी का जताया आभार

रुद्रपुर। काशीपुर रोड पर भाजपा नेता के भाई की कार और स्कूटी के बीच हुई सड़क दुर्घटना के मामले में आरोपी सन्नी चुघ की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम में चल रहे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का पटाक्षेप हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मंगलवार से सभी सफाई कर्मचारी अपने कार्य पर लौटेंगे।

इधर, मामले में आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने शाम को मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें घटना की वास्तविकता से अवगत नहीं कराया गया, बल्कि सड़क दुर्घटना को हमले की घटना बताकर गुमराह किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि घायल युवक और उसके परिवार के प्रति उनकी पूरी सहानुभूति है तथा संगठन आगे भी उनकी हरसंभव मदद के लिए तत्पर रहेगा, लेकिन घटना के तथ्यों को छिपाकर समाज को गुमराह करने और मामले को अनावश्यक रूप से तूल देने की निंदा की जानी चाहिए।

नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोनू मुल्तानी, सुनील रोहतगी सहित अन्य पदाधिकारियों ने वीडियो जारी कर कहा कि पिछले तीन दिनों से यह मामला लगातार चर्चा और आंदोलन का विषय बना हुआ था। वाल्मीकि समाज के साथ-साथ अन्य वर्गों के लोगों ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया। संगठन की प्रमुख मांग आरोपी की गिरफ्तारी थी और पुलिस ने आरोपी सन्नी चुघ को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद संगठन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है और इसी के साथ आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें शुरुआत में यह बताया गया था कि युवकों पर हमला हुआ है। इसी जानकारी के आधार पर समाज के लोग आक्रोशित हुए और आंदोलन शुरू हुआ। बाद में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि मामला सड़क दुर्घटना से जुड़ा था।

पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शुरुआत में ही उन्हें घटना की वास्तविक जानकारी दी जाती तो शायद मामला इस स्तर तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए किसी घटना को अलग रूप देना गंभीर और चिंताजनक विषय है।

उन्होंने कहा, “हमें बताया गया कि हमला हुआ है, जबकि जांच में सामने आया कि यह सड़क दुर्घटना थी। दुर्घटना के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। जो तथ्य हमसे छिपाए गए, वह हमारे लिए पीड़ादायक और शर्मनाक है।”

संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ही समाज के कुछ लोगों ने घटना की वास्तविक जानकारी छिपाकर उन्हें गुमराह किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन समाज की भावनाओं के आधार पर किया गया और उसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहयोग किया, लेकिन अब जब जांच के बाद वास्तविक तथ्य सामने आ गए हैं तो संगठन सच के साथ खड़ा है।

पदाधिकारियों ने कहा कि घायल युवक और उसके परिवार के प्रति संगठन की संवेदनाएं पूरी तरह कायम हैं। किसी घायल व्यक्ति के साथ खड़ा होना समाज का दायित्व है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि गलत तथ्यों के आधार पर किसी घटना को अलग रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि “हम घायल युवक और उसके परिवार के साथ हैं, लेकिन समाज को गलत जानकारी देकर गुमराह करने के पक्ष में नहीं हैं। संगठन आगे भी सच के साथ खड़ा रहेगा।

पदाधिकारियों ने मामले में लाखों रुपये में समझौता होने की चर्चाओं और अफवाहों पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा इस तरह की बातें प्रचारित की जा रही हैं, जबकि उनके पास इसका कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बिना प्रमाण के समझौते की रकम को लेकर अफवाह फैलाता है तो वह उसके पक्ष में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करे। अन्यथा संगठन ऐसे लोगों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने पर विचार करेगा।

पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह की अफवाहें न केवल मामले को और उलझाती हैं, बल्कि समाज की भावनाओं को भी आहत करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे प्रसारित करें।

सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन के दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से महापौर विकास शर्मा सहित समाज के अन्य लोगों के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने मामले में हस्तक्षेप कर समाधान की दिशा में प्रयास किए।

पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना था। अब आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, इसलिए आंदोलन को आगे जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सफाई कर्मचारी संघ ने नगर निगम में चल रहे धरने को समाप्त कर दिया है। पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार से सभी सफाई कर्मचारी अपने-अपने कार्य पर लौटेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था पूर्व की तरह सुचारु रूप से संचालित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से संगठन संतुष्ट है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि घायल युवक और उसके परिवार को यदि भविष्य में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी तो संगठन उनकी मदद के लिए तत्पर रहेगा।

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