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राधे श्याम अरोड़ा खबर पड़ताल

हाथापाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन और पुतला दहन,

शुक्ला ने भी बेहड़ पर लगाए पलटवार में गंभीर आरोप

किच्छा। विधायक तिलकराज बेहड़ के साथ हाथापाई और अभद्रता का मामला अब महज पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। घटना ने किच्छा की सियासत में नई चिंगारी भड़का दी है। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जबकि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी बेहड़ पर तीखा पलटवार करते हुए उनके आचरण और राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप-प्रत्यारोप के बीच किच्छा का सियासी माहौल गरमा गया है।
घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के पुतले फूंके। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव में भाजपा कार्यकर्ता हिंसा और दबंगई पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि चुनावी मशीनों को व्यवस्थित रखने के दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ के साथ कथित तौर पर विवाद और हाथापाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और उनके साथियों की भूमिका की जांच की मांग उठाई है।
कांग्रेसियों का कहना है कि विधायक को थप्पड़ मारने के आरोप में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई में देरी की और पूरे मामले को सीमित दायरे में रखने का प्रयास किया गया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन से लेकर पुतला दहन तक, सड़क पर उतरी कांग्रेस
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ कथित अभद्रता और हाथापाई को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने साफ संकेत दिए कि यदि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
शुक्ला का पलटवार, बेहड़ के व्यवहार पर उठाए सवाल
वहीं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए तिलकराज बेहड़ पर गंभीर आरोप लगाए। शुक्ला ने कहा कि बेहड़ अक्सर नेताओं, पुलिस और आम जनता के प्रति अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक, जब वही भाषा उनके खिलाफ इस्तेमाल होती है तो उन्हें आपत्ति होती है। शुक्ला ने मौजूदा विवाद को भी इसी कथित व्यवहार का परिणाम बताया।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि बेहड़ किच्छा में अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रखने के लिए लगातार अलग-अलग मुद्दों को तूल देते रहे हैं। उन्होंने किच्छा और सिरोलीकला को अलग-अलग नगर पालिका बनाए जाने तथा समय पर चुनाव कराने को लेकर भी बेहड़ की भूमिका पर सवाल उठाए। शुक्ला ने आरोप लगाया कि बेहड़ नहीं चाहते कि चुनाव समय पर हों और परिणाम घोषित किए जाएं।
फिलहाल, एक घटना ने किच्छा की राजनीति में कई मोर्चे खोल दिए हैं। कांग्रेस जहां इसे विधायक के सम्मान और कानून-व्यवस्था का सवाल बता रही है, वहीं शुक्ला खेमा बेहड़ के कथित व्यवहार और राजनीतिक रवैये को विवाद की वजह बता रहा है। पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों के आरोपों के बीच अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और सियासी घमासान का अगला पड़ाव क्या होता है।

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