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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त देवभूमि संकल्प को साकार कर रहे एसएसपी अजय गणपति

“SSP अजय गणपति की सख्त रणनीति से फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का हुआ पर्दाफाश”

➡️ एसएसपी अजय गणपति ने प्रकरण का स्वयं संज्ञान लेकर विशेष पुलिस टीमों का गठन कर त्वरित अनावरण के दिए थे निर्देश

➡️ कोतवाली कुण्डा पुलिस एवं एसओजी काशीपुर/रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने वाले दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

➡️ जिलाधिकारी तरनतारण (पंजाब) कार्यालय से सत्यापन में लाइसेंस पाए गए फर्जी ।

➡️ अभियुक्तों के कब्जे से अवैध शस्त्र, जिंदा कारतूस, कूटरचित शस्त्र लाइसेंस एवं मोबाइल फोन बरामद।

➡️ अन्य संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों के संबंध में जांच जारी, नहीं बक्शे जाएंगे अपराधी।

घटना का विवरण

🛑 माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी महोदय के अपराध मुक्त देवभूमि के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति के कुशल निर्देशन में जनपद में ऑपरेशन प्रहार के तहत अपराधियों एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में एसओजी काशीपुर/ रुद्रपुर टीम द्वारा की गई जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आए कि जनपद के कुछ व्यक्तियों द्वारा बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर अवैध रूप से हथियार रखे जा रहे हैं, जिनका प्रयोग भविष्य में आपराधिक गतिविधियों तथा कानून व्यवस्था प्रभावित करने के उद्देश्य से किया जा सकता है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर के माध्यम से संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की जांच हेतु जिलाधिकारी तरणतारण, पंजाब को पत्राचार किया गया।

जांच के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य
➡️ जिलाधिकारी तरनतारण (पंजाब) कार्यालय से प्राप्त आख्या में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया कि पुलिस द्वारा सत्यापन हेतु भेजे गए संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस उनके कार्यालय द्वारा निर्गत नहीं किए गए हैं तथा संबंधित लाइसेंस नंबर कार्यालय के अभिलेखों में भी अंकित नहीं हैं। इसके अतिरिक्त यह भी पाया गया कि संबंधित शस्त्र लाइसेंस धारकों द्वारा शस्त्र लाइसेंस का विधिवत नवीनीकरण नहीं कराया गया था तथा शस्त्र जमा किए जाने के संबंध में भी कोई अभिलेख अथवा साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।

विवेचना के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि जिन पतों को अभियुक्तों द्वारा शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के लिए दर्शाया गया था, उन पतों पर अभियुक्त निवासरत नहीं पाए गए। संबंधित पुलिस थानों में भी शस्त्र लाइसेंस एवं शस्त्रों से संबंधित कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए।

मुकदमा पंजीकरण एवं पुलिस कार्रवाई
➡️ प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कोतवाली कुण्डा में एफआईआर संख्या-150/2026 धारा 318(4), 336(3), 338, 340 बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
➡️ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर श्री अजय गणपति द्वारा तत्काल पुलिस टीमों का गठन करते हुए घटना के त्वरित अनावरण के निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविन्द बहुगुणा (विवेचक) एवं कोतवाली कुंडा पुलिस एवं एसओजी काशीपुर/रुद्रपुर की संयुक्त टीम द्वारा पंजाब जाकर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए, जिसके आधार पर अभियुक्तों की संलिप्तता की पुष्टि हुई।

अभियुक्तों से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
➡️ गिरफ्तार अभियुक्तों अजय सिंह एवं अनूप सिंह से की गई गहन पूछताछ गई तथा उनके कब्जे से बरामद शस्त्र लाइसेंस एवं शस्त्रों की जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्तों द्वारा स्वयं को पंजाब राज्य के विभिन्न थाना क्षेत्रों का निवासी दर्शाते हुए कूटरचित एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए गए थे। इन फर्जी लाइसेंसों का असली दस्तावेज के रूप में उपयोग करते हुए अभियुक्तों द्वारा अवैध तरीके से शस्त्र क्रय किए गए थे। साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तगण को दिनांक 20 जून 2026 को धारा 318(4), 336(3), 338, 340, 61(2) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत कार्यायल एस0ओ0जी0 काशीपुर से बाद पूछताछ आरोपों की पुष्टि होने के उपरांत अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

  1. अजय सिंह पुत्र बलकार सिंह निवासी ग्राम छिनकी, थाना किच्छा, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 31 वर्ष।
  2. अनूप सिंह पुत्र कुलवंत सिंह निवासी ग्राम भरतपुर, थाना कुण्डा, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 40 वर्ष।

बरामदगी का विवरण
➡️ अभियुक्त अनूप सिंह के कब्जे से बरामद
➡️ 01 अदद पिस्टल .32 बोर,
➡️01 अदद रायफल .315 बोर,
➡️01 अदद कूटरचित शस्त्र लाइसेंस,
➡️ 01 अदद मोबाइल फोन

अभियुक्त अजय सिंह के कब्जे से बरामद
➡️ 01 अदद पिस्टल .32 बोर
➡️ 08 अदद जिंदा कारतूस .32 बोर
➡️ 01 अदद रायफल .315 बोर
➡️ 08 अदद जिंदा कारतूस .315 बोर
➡️ 01 अदद कूटरचित शस्त्र लाइसेंस

अभियुक्त अनूप सिंह का आपराधिक इतिहास

  1. एफआईआर संख्या 94/2016 धारा 504/506 भादवि। (कोतवाली कुंडा)
  2. एफआईआर संख्या 89/2018 धारा 323/504/506 भादवि। (कोतवाली कुंडा)
  3. एफआईआर संख्या 100/2025 धारा 115(2), 126(2), 132, 352 बीएनएस। (कोतवाली कुंडा)
  4. एफआईआर संख्या 150/2026 धारा 318(4), 336(3), 338, 340, 61(2) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट। (कोतवाली कुंडा)

🛑 एसएसपी अजय गणपति का संदेश
“जनपद ऊधमसिंहनगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस, अवैध हथियार एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध ऊधमसिंहनगर पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जनपद में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

पुलिस टीम

  1. उपनिरीक्षक उमेश कुमार, प्रभारी एसओजी ऊधमसिंहनगर।
  2. उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी, प्रभारी एसओजी काशीपुर।
  3. वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविन्द बहुगुणा (विवेचक), कोतवाली आईटीआई।
  4. उपनिरीक्षक दीपक कौशिक, एसओजी रुद्रपुर।
  5. हेड कांस्टेबल विनय कुमार, एसओजी काशीपुर।
  6. हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, एसओजी काशीपुर।
  7. कांस्टेबल कैलाश तोमक्याल, एसओजी काशीपुर।
  8. कांस्टेबल इमरान खान, एसओजी काशीपुर।
  9. कांस्टेबल ललित कुमार, एसओजी रुद्रपुर।
  10. कांस्टेबल हरीश गोस्वामी, एसओजी काशीपुर।
  11. कांस्टेबल गिरीश काण्डपाल, एसओजी काशीपुर।
  12. कांस्टेबल महेश मेहता, एसओजी रुद्रपुर।
  13. कांस्टेबल राजेन्द्र कश्यप, एसओजी रुद्रपुर।
  14. कांस्टेबल पंकज बिनवाल, एसओजी रुद्रपुर।
  15. कांस्टेबल दिनेश चन्द्र, एसओजी रुद्रपुर।
  16. कांस्टेबल शुभम सैनी, एसओजी रुद्रपुर।
  17. चालक कांस्टेबल ललित चौधरी, एसओजी काशीपुर।
  18. कांस्टेबल भरत बिष्ट, कोतवाली कुण्डा।
  19. कांस्टेबल चन्द्र प्रकाश, कोतवाली कुण्डा।

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