Spread the love

महिला संगठन ऐपवा की नेता और प्रदेश बार काउंसिल की सदस्य अमनदीप कौर ने महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन अधिनियम को लाने को साजिश करार देते हुए वर्तमान लोकसभा सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू करने की मांग की।

प्रेस को जारी बयान में एडवोकेट अमनदीप कौर ने कहा कि मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल लागू नहीं करना चाहती है। लेकिन महिला आरक्षण बिल लागू न कराने का आरोप और महिला विरोधी होने का आरोप वह विपक्ष पर ही लगाना चाहती है। जबकि हमारे महिला संगठन ऐपवा सहित तमाम विपक्षी दल और संगठनों ने इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से ही लागू कराने की मांगी की थी। लेकिन मोदी सरकार वर्तमान 543 लोकसभा की सीटों पर लागू ना कराकर पुनः परिसीमन के बाद 850 सीटों पर लागू कराना चाहती है। संसद के विशेष सत्र परिसीमन बिल को लाकर भाजपा सरकार देश के संघीय, लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला करना चाहती है। इस परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों में 850 तक की बढ़ोत्तरी होगी। और यह सीट बढ़ोत्तरी भाजपा प्रभाव वाले राज्यों में ही ज्यादा होगा। जिसका सीधा फायदा हर चुनाव में भाजपा को होगा। दक्षिण भारत के राज्यों में सीटें नहीं बढ़ने से विपक्षी दलों को नुकसान होग। यह विशेष सत्र ऐसे समय में बुलाया गया जब दक्षिण भारत की पार्टियों के ज्यादातर नेता व सांसद चुनाव प्रचार में है। इससे आपस रूप से भाजपा की मंशा पर सवाल उठता है।
अमनदीप कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश को संबोधित करते हुए हमेशा की तरह विपक्ष को कोसा और महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। लेकिन अंकिता हत्याकांड, ऐप्सटिन फाइल, महाराष्ट्र के कुख्यात अशोक खरात यौन शोषण कांड, बिहार के बालिका गृहों में सरकारी संरक्षण में बालिकाओं के यौन शोषण, भाजपा की तमाम नेताओं और भाजपा समर्थित बाबाओं द्वारा यौन शोषण के मामलों में मोदी जी चुप्पी साध लेते हैं।

अमनदीप कौर ने
कहा कि अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की स्पष्ट मान्यता है कि देश के संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। 2023 में जब सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया, उस समय भी हम लोगों ने कहा था कि महिला आरक्षण के लिए जनगणना की शर्त सही नहीं है और महिला आरक्षण 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए। लेकिन इस कानून में सरकार ने 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन की शर्त को जोड़ दिया था।

उन्होंने लोकतंत्र विरोधी व संघीय ढांचे के विरोधी परिसीमन बिल के संसद में गिर जाने का स्वागत करते हुए महिला आरक्षण को बिना शर्त लागू करने की मांग की।

You cannot copy content of this page