रुद्रपुर। देशभर में लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के निरस्तीकरण, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी तथा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में इस गंभीर विषय पर तत्काल हस्तक्षेप करते हुए केंद्र सरकार एवं संबंधित संस्थाओं को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश का युवा आज गंभीर शिक्षा एवं रोजगार संकट से गुजर रहा है। वर्षों की कठिन मेहनत और तैयारी के बावजूद लाखों छात्र-छात्राओं एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब तथा नकल माफिया के सक्रिय नेटवर्क के कारण निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि NEET, NTA, CBSE, विभिन्न लोक सेवा आयोगों तथा अन्य भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। बार-बार परीक्षाओं का निरस्त होना और वर्षों तक भर्तियों का लंबित रहना योग्य एवं मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। इससे सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
ज्ञापन में उत्तराखंड के देहरादून की छात्रा रिया कुमारी थापा की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह घटना छात्रों एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों पर बढ़ते मानसिक तनाव और अनिश्चितता का प्रतीक है। शिक्षा और रोजगार का संकट केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि देश के भविष्य और करोड़ों युवाओं की आशाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि देशभर में प्रश्नपत्र लीक एवं भर्ती घोटालों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, नकल माफिया के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए तथा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष परामर्श व्यवस्था की जाए। साथ ही परीक्षा प्रणाली में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा हेतु प्रभावी राष्ट्रीय नीति बनाने की भी मांग उठाई गई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाली घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए अथवा उन्हें पद से हटाया जाए।
ज्ञापन में विश्वास व्यक्त किया गया कि राष्ट्रपति देश के करोड़ों युवाओं की भावनाओं एवं उनके भविष्य की रक्षा के इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित
