श्रमिक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में विभिन्न मजदूर संगठनों ने आज उपश्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इंजीनियरिंग उद्योगों में वेतन पुनरीक्षण बोर्ड गठित करने और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग उठाई।
इस दौरान श्रमिक नेताओं ने कहा कि यह दुखद और क्षोभपूर्ण है कि राज्य में इंजीनियरिंग उद्योग, हैवी इंजीनियरिंग,ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए वेतन पुनरीक्षण हेतु शासन स्तर पर आज तक कोई पहल नहीं ली गई और न ही वेतन पुनरीक्षण बोर्ड गठित किया गया। जबकि बीते 25 वर्षों में महँगाई बेहद बढ़ चुकी है।
उन्होंने कहा कि विगत 3 वर्षों से इंजीनियरिंग उद्योग में परिवर्तनीय महंगाई भत्ता की गणना आकलन श्रमिकों की अत्यावश्यक जरूरी चीजों की वास्तविक बाजार दरों के सापेक्ष मनमानी कर काल्पनिक दरों की कूट रचना कर वीडीए की गणना की जा रही है, जिससे वास्तविक महंगाई की तुलना में परिवर्तनीय महंगाई भत्ता अकल्पनीय रूप से बेहद कम आ रहा है। इस कूट रचना के कारण मजदूर वर्ग महंगाई से निपटने में अक्षम हो गया है। जिसके परिणाम स्वरूप देश भर में औद्योगिक हड़ताल आम व्यवहार बन गई है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अनुसूची में दर्ज अन्य उद्योगों के लिए 15 मार्च, 2024 को न्यूनतम वेतन घोषित हुआ । माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने भी इसे मान लिया। हालांकि वास्तविकता से बेहद कम न्यूनतम वेतन घोषित हुआ। इसके बावजूद इस घोषणा के बाद से लगभग 2 वर्ष बीत गए लेकिन परिवर्तनीय महंगाई भत्ता का अभी तक गजट प्रकाशित न होने से श्रमिकगण वीडीए बढ़ोतरी से वंचित हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है तथा श्रमिकों की निराशा की वजह भी है। वीडीए न घोषित करना या इसमें विलम्ब किसी भी सरकार या व्यक्ति के विवेकाधीन नहीं हो सकता। संविधान की धारा 21 के तहत यह पूर्ण कानूनी अधिकार है। जिसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने मांग की कि वास्तविक व उचित परिवर्तनीय महंगाई भत्ता की बढ़ोत्तरी की जाय। इस हेतु उत्तराखंड राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों व उच्च पहाड़ी शहरों में उपलब्ध बाजार दरों को VDA काउंटिंग को आधार बनाया जाए। साथ ही लंबित वीडीए को घोषित किया जाए तथा बाजार की मुद्रास्फीति के अनुरूप ही उत्तराखंड के अनुकूल वीडीए गणना किया जाए। साथ ही बकाया वीडीए के भुगतान के भी आदेश पारित किए जाएँ।
ज्ञापन देने वालों में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, सीएसटीयू के महासचिव मुकुल, ऐक्टू जिला सचिव अनिता अन्ना, इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर कोषाध्यक्ष दिनेश, ऐक्टू प्रदेश कोषाध्यक्ष मटियाली, कारोलिया लाइटिंग के हरेंद्र सिंह, उत्तराखंड निर्माण मजदूर यूनियन के उत्तम दास, मंत्री मैटेलिक्स वर्कर्स यूनियन के हेमंत भट्ट, महेंद्र रावत मौजूद थे
