रुद्रपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के रुद्रपुर चैप्टर द्वारा अपने 50 के करीब सदस्यों का आंकड़ा पूरा करने के उपलक्ष्य में सोनिया होटल, रुद्रपुर में एक विशेष औद्योगिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवीकरणीय ऊर्जा, MSME योजनाओं, SIDBI की वित्तीय नीतियों तथा IIA की औद्योगिक सेवाओं और भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का आयोजन बंसल पावर, काशीपुर, जो टाटा पावर के चैनल पार्टनर हैं, के सहयोग से किया गया। बंसल पावर की ओर से शशांक बंसल ने उद्योगों के लिए सोलर एवं रिन्यूएबल एनर्जी की उपयोगिता पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में IIA कुमाऊं डिवीजनल चेयरमैन रोहित गोयल, IIA रुद्रपुर चैप्टर चेयरमैन संजीव जैन, सेक्रेटरी योगेश पवार तथा कोषाध्यक्ष आकाश कुमार सक्सेना सहित IIA की कोर टीम के ओम प्रकाश जी, दीपक गर्ग जी और राकेश चौहान जी ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।
कार्यक्रम में SIDBI तथा MSME हल्द्वानी से जुड़े अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और महत्वपूर्ण बनाया। उद्योग जगत से जुड़े सदस्यों ने वित्तीय योजनाओं, सरकारी सहायता, ऊर्जा लागत और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को लेकर अपने प्रश्न एवं विचार भी साझा किए।
MSME उद्योगों के लिए सोलर एनर्जी क्यों जरूरी?
बढ़ती बिजली लागत और ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकता के बीच सोलर एनर्जी भारतीय MSME उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन रही है। इससे उद्योग अपनी ऊर्जा लागत को नियंत्रित करने, पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और लंबे समय में अधिक टिकाऊ एवं प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। यही कारण है कि रिन्यूएबल एनर्जी अब केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक लागत और बिजनेस स्ट्रैटेजी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है।
IIA रुद्रपुर चैप्टर की शुरुआत लगभग छह महीने पहले हुई थी और इतने कम समय में करीब 50 सदस्यों का जुड़ना क्षेत्र के उद्योगों में संगठन के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। चैप्टर का लक्ष्य आने वाले एक वर्ष में 200 सदस्यों को IIA परिवार से जोड़ना है।
IIA एक राष्ट्रीय स्तर का औद्योगिक संगठन है, जो उद्योगों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने, सरकारी नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी उद्योगों तक पहुंचाने और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में कार्य करता है।
रुद्रपुर चैप्टर का उद्देश्य भी स्पष्ट है—उद्योगों को केवल एक मंच देना नहीं, बल्कि उन्हें जानकारी, नेटवर्क, सरकारी योजनाओं और व्यावहारिक सहयोग के माध्यम से और अधिक मजबूत बनाना।
सोनिया होटल में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सफल और सार्थक कदम साबित हुआ।

