खबर पड़ताल
सितारगंज के वार्ड नंबर 10 में एक मामूली बच्चों के विवाद ने ऐसा विकराल रूप ले लिया कि पूरा इलाका दहशत में आ गया। पीड़ित राशिद पुत्र अब्दुल मालिक ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि 7 अप्रैल की शाम बच्चों के बीच हुए झगड़े की शिकायत करने गई उसकी पत्नी रिफा के साथ पहले पड़ोस की महिलाओं—शबाना पत्नी नासिर व अन्य ने बाल पकड़कर बेरहमी से मारपीट की, लेकिन मामला यहीं नहीं थमा। आरोप है कि थाने से लौटते वक्त जेल कैंप रोड पर जहीर की दुकान के पास पहले से घात लगाए बैठे शानू, नदीम, राशिद का बहनोई और मानू नफीस ने दंपति को देखते ही हमला बोल दिया। दबंगों ने दोनों को सड़क पर गिराकर ईंट-पत्थरों और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे राशिद के सिर व कान से खून बहने लगा और पत्नी रिफा भी गंभीर रूप से घायल हो गई। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदार—जहीर व अखलाक अहमद समेत अन्य लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह दोनों की जान बचाई। घायलों को तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने उसके घर में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने की कोशिश की और लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार सहमा हुआ है और इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, सुरक्षा और जल्द मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, वहीं स्थानीय लोग भी इस सनसनीखेज घटना से आक्रोशित नजर आ रहे हैं।
