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रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल

सितारगंज जलभराव से बेहाल गुरु नानक नगरी और गोठा, पूर्व विधायक नारायण पाल ने प्रशासन पर उठाए सवाल सितारगंज विधानसभा क्षेत्र के जलभराव प्रभावित इलाकों का भ्रमण करते हुए पूर्व विधायक नारायण पाल गुरु नानक नगरी और गोठा पहुंचे। यहां उन्होंने क्षेत्र की बदहाल स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली।नारायण पाल ने बताया कि गुरु नानक नगरी और गोठा क्षेत्र में करीब 4 से 5 हजार की आबादी निवास करती है। जलभराव के कारण क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त होकर कट चुकी हैं और कई स्थानों परआवागमन पूरी तरह प्रभावित है। लोगों के घरों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली, चिकित्सा और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हैं। बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है। इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी इलाज और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।पूर्व विधायक ने कहा कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद यदि शासन-प्रशासन जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनता, तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के प्रति नाराजगी व्यक्त करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाना और लोगों में जागरूकता पैदा करना है।
उन्होंने घोषणा की कि 6 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक वे गुरु नानक नगरी क्षेत्र में मौन उपवास करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे बारिश हो, आंधी आए या तूफान, वे जनता की समस्याओं को लेकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
नारायण पाल ने कहा कि जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने विधानसभा सितारगंज के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना उन्होंने प्रशासन से जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और आवागमन की व्यवस्थाएं बहाल करने की मांग की।

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