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किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि किच्छा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम महाराजपुर निवासी अभिषेक पुजारा, शुभम पुजारा, देवेंद्र कुमार, विदुत खुराना एवं विकास ठुकराल के नाम से फॉर्म-7 के तहत दर्ज की गई कथित फर्जी ऑनलाइन आपत्तियों के संबंध में आज मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी किच्छा विधानसभा (ईआरओ) के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए। इन शपथ पत्रों में संबंधित व्यक्तियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई है तथा उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से आवेदन किए गए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है। तथा दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही कि मांग की है | बेहड़ ने यह भी बताया कि इस संबंध में कोतवाली किच्छा के प्रभारी निरीक्षक को लिखित शिकायत देकर फिर दर्ज कर मुकदमा कायम किये जाने की मांग की गई है तथा शिकायत की प्राप्ति भी प्राप्त कर ली गई है। विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि ऐसे अन्य लोग भी धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं, जिनके नाम का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है। वे भी अपने-अपने शपथ पत्र प्रस्तुत कर जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज़ी साक्ष्य एवं शपथ पत्र एकत्रित किए जा रहे हैं और शीघ्र ही पूरे मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी, ताकि दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके, साथ ही इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, जिलाधिकारी, उधम सिंह नगर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी पक्षकार (पार्टी) बनाया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किस आधार पर संबंधित व्यक्तियों के नाम से फॉर्म-7 के तहत कथित फर्जी ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज की गईं और उन्हें स्वीकार करने की प्रक्रिया में क्या-क्या तथ्यों का परीक्षण किया गया। साथ ही इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, जिलाधिकारी, उधम सिंह नगर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी पक्षकार (पार्टी) बनाया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किस आधार पर संबंधित व्यक्तियों के नाम से फॉर्म-7 के तहत कथित फर्जी ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज की गईं और उन्हें स्वीकार करने की प्रक्रिया में क्या-क्या तथ्यों का परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि जिन-जिन लोगों के नाम से आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा है। अब तक जिन लोगों से बातचीत हुई है, उनमें से अधिकांश ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी और उनके नाम का गलत तरीके से उपयोग किया गया है। ऐसे लोग भी अब सामने आकर फर्जी आपत्तियों के विरुद्ध अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए तैयार हैं।

बेहड़ ने कहा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे कार्य कर रहे समूह और वास्तविक जिम्मेदार व्यक्तियों की जानकारी एवं साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। समय आने पर सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा और पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फॉर्म-7 के तहत दर्ज सभी संदिग्ध एवं फर्जी ऑनलाइन आपत्तियों की तत्काल निष्पक्ष जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए तथा दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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