अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल
सितारगंज 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सितारगंज की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है। करन मैरिज हॉल (मेनका टॉकीज) में आयोजित कांग्रेस की एक भव्य और प्रभावशाली प्रेसवार्ता में पार्टी के दर्जनों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का जोरदार प्रदर्शन करते हुए साफ संकेत दे दिए कि इस बार ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ का मुद्दा चुनावी केंद्र में रहेगा। मंच से बोलते हुए पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करन जंग ने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण बिल 2023 को लेकर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस बिल को लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के पुराने आंकड़ों के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने की बात महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और कांग्रेस इसे पूरी तरह महिला विरोधी कदम मानती है। कांग्रेसी नेता नवतेज पाल सिंह ने कांग्रेस को जनआधारित और समावेशी पार्टी बताते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि हर वर्ग, हर समाज और हर कार्यकर्ता की पार्टी है, जहां सभी की भागीदारी सुनिश्चित है।वहीं नगर अध्यक्ष शक्तिफार्म उत्तम आचार्या ने बेहद स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि सितारगंज विधानसभा क्षेत्र बंगाली बहुल होने के कारण यहां के सामाजिक समीकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए पार्टी को स्थानीय चेहरों को ही प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण लागू होता है तो बंगाली समाज से भी मजबूत दावेदारी उभर सकती है, जिसे नजरअंदाज करना पार्टी के लिए नुकसानदायक होगा। प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं ने दो टूक कहा कि किसी भी बाहरी प्रत्याशी को थोपने की कोशिश की गई तो उसका खुलकर विरोध किया जाएगा और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सरताज अहमद, हसनैन मलिक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे, रामनागिना प्रसाद, सतीश अरोरा, रंजीत सिंह, सोमेंद्र यादव, गुरदेव सिंह, विभूति प्रसाद, वजिंदर सिंह मोमी, अमित सरकार समेत कई नेताओं ने संगठन की मजबूती और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का संकल्प लिया। प्रेसवार्ता ने साफ कर दिया कि सितारगंज में कांग्रेस अब आक्रामक रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है और 2027 की लड़ाई को पूरी ताकत के साथ लड़ने का मन बना चुकी है।
