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रुद्रपुर। सरल काव्यांजलि संस्था, उज्जैन (म. प्र.) के अध्यक्ष डॉ. संजय नागर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि राष्ट्रकवि श्रीकृष्ण ‘सरल’ की स्मृति में संस्था द्वारा वर्ष 2021 से प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर, हिंदी दिवस के अवसर पर लघुकथा क्षेत्र की ख्यातिलब्ध हस्तियों को ‘श्री रवि प्रभाकर स्मृति’ डिजिटल सम्मान प्रदान किया जाता है। लघुकथा विधा में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष यह सम्मान रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर के युवा कवि-लेखक डॉ. खेमकरण सोमन को प्रदान किया गया है। इससे पूर्व यह सम्मान मृणाल आशुतोष, कल्पना भट्ट, विरेन्दर वीर मेहता, श्री सिद्धेश्वर और राजेन्द्र पुरोहित आदि लघुकथा लेखकों को प्रदान किया जा चुका है।

स्व. श्रीमती सीता देवी एवं स्व. श्री बुलकी साहनी के सुपुत्र डॉ. खेमकरण सोमन भूरारानी वार्ड नं. 32, रुद्रपुर के निवासी हैं। कविता, कहानी, लघुकथा, समीक्षा और आलोचना के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय डॉ. सोमन की रचनाएँ देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, ब्लॉग, वेबसाइटों एवं ई-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। साथ ही, उनकी रचनाओं का दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से भी निरंतर प्रसारण होता रहता है।

हिंदी की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सावित्री मठपाल के निर्देशन में उन्होंने सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर (कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल) से हिंदी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त सरस्वती इन्स्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलोजी, गदरपुर से बी.एड., टीईटी, यूजीसी-सेट, यूजीसी नेट-जेआरएफ तथा डॉ. सावित्री मठपाल के निर्देशन में हिंदी की ‘लघुकथा’ विधा पर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। उन्होंने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी से समाजशास्त्र विषय में भी स्नातकोत्तर किया है।

वर्तमान में डॉ. खेमकरण ‘सोमन’ चमोली जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आलम सिंह फरस्वाण राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, तलवाड़ी, विकासखंड-थराली के हिंदी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी धर्मपत्नी डॉ. पूनम सिंह भी उच्च शिक्षा विभाग में अर्थशास्त्र विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं तथा वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर (चंपावत) में सेवारत हैं।

डॉ. खेमकरण सोमन को मिली इस साहित्यिक उपलब्धि पर सुप्रसिद्ध कवि-लेखक डॉ. शंभू दत्त पांडे शैलेय, सिद्धेश्वर सिंह, किरण अग्रवाल, डॉ. शशांक शुक्ला, डॉ. दिनेश पाठक, डॉ. दिनेश कर्नाटक, डॉ. ऊषा रानी, पत्रकार जगमोहन रौतेला, रुपेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार, चंदन बंगारी, जगदीश चंद्र, दीपक कुकरेजा, डॉ. अनिल कार्की, डॉ. जगदीशचंद्र पंत कुमुद, एपी भारती, दीपक फुलारा, शेखर पाखी, डॉ. दीपा पांडे, डॉ. शर्मिला सक्सेना, डॉ. सुभाष वर्मा, डॉ. एमसी. पांडे, डॉ. नाजिश खान, कमला बिष्ट, अंज़ार खान, आलम, प्रो. कमला धौलाखंडी भारद्वाज, डॉ. मीनू श्रीवास्तव, डॉ. रुमा शाह, मोहन खेड़ा, डॉ. सुमन फुलारा, भारत भूषण चुघ (सोनू भैया), मुकुल, सुशी साहनी, फुदेना साहनी, गोपाल साहनी, तेतर साहनी, प्रथम साहनी, शीला साहनी, डॉ. विवेकानंद पाठक, डॉ. अंचलेश कुमार, ऊषा टम्टा, कस्तूरीलाल तागरा, डॉ. एस.बी. मल्लिक, रोशन कालरा, रोहन कुमार, ओंकार सिंह ढिल्लो, बलदेवराज छाबड़ा, डॉ. विनय कुमार, अतीश वर्मा, दीपक छाबड़ा, डॉ. अनिल कुमार सैनी, डॉ. सरिता सागर एवं प्रेरणा अंशु के कार्यकारी सम्पादक पलाश विश्वास सहित अनेक साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

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