गदरपुर । सनातन धर्म मंदिर बुध बाजार में कार्तिक मास की कथा के द्वादश दिवस की कथा करते हुए कथावाचक पं. विजय कुमार शास्त्री जी ने बताया कि कार्तिक मास में भगवान के मंदिर में सेवा से स्वर्ग सुख और अनंत पूर्ण फल मिलता है,धन संपत्ति के लिए पसीना बहाने वाले तो बहुतेरे मिल जाएंगे परंतु प्रभु सेवा के लिए पसीना बहाने वाले कितने हैं? भगवान की सेवा में पसीना बहाओ, भगवान की सेवा स्वयं करो, उसी का पेट भरता है जो स्वयं भोजन करता है,जैसे दूसरों के भोजन करने से स्वयं का पेट नहीं भरता, ठीक उसी प्रकार भगवान की सेवा स्वयं करें तो स्वयं को फल मिलता है।कथा श्रवण करने हेतु काफी संख्या में महिलाएं व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।आज की फेरी श्री राजमणि एवं श्रीमती कलावती जी के निवास पर गई।0प्रसाद की सेवा विजय कुमार भुड्डी(बंटी )एवं श्रीमती सुमन भुड्डी के परिवार द्वारा दी गई।

कार्तिक मास में स्वयं सेवा करके भगवान को प्रसन्न करना आत्मिक खुराक है।
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