रुद्रपुर डॉल्फिन कम्पनी सिडकुल पंतनगर जिला उधमसिंह नगर (उत्तराखंड )में कार्यरत महिला मजदूरों द्वारा कम्पनी में बुनियादी श्रम कानूनों को लागू कराने और स्थाई श्रमिकों को अवैध रुप से ठेके की नौकरी में धकेल कर उनका भविष्य बर्बाद करने और स्थाई मजदूरों को नोटिस दिए बिना नौकरी से निकालने की घृणित साजिश पर रोक लगाने की मांग को लेकर गाँधी पार्क रुद्रपुर में विगत 3अक्टूबर 2024 से चलाया जा रहा क्रमिक अनशन आज 15 वें दिन भी जारी रहा |और पारले चौक पर जारी धरना आज 51 वें दिन भी जारी रहा |डॉल्फिन मजदूर संगठन की उपाध्यक्ष सुनीता ने कहा कि यदि कल 18 अक्टूबर को भी समझौता नहीं हुआ तो हम महिला श्रमिकों के नेतृत्व में मजदूरों द्वारा सामूहिक रूप से आमरण अनशन शुरू कर दिया जायेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी डॉल्फिन कम्पनी मालिक प्रिंस धवन की ही होगी |डॉल्फिन महिला मजदूर नेता कमलेश ने कहा कि कम्पनी मालिक द्वारा हम महिला श्रमिकों को पिछले वर्ष मात्र 200-300 रुपये ही बोनस दिया गया |दिसंबर 2023 तक हमें मात्र 5000-6000 रुपये मासिक वेतन ही दिया जाता था |हमारे साथ कंपनी मालिक द्वारा विगत आठ दस सालों से यही जुल्म किया जा रहा है |कम्पनी में हजारों मजदूर कार्यरत हैं किन्तु उन्हें केंटीन सुविधा भी नहीं दी जाती है |बोनस एक्ट, न्यूनतम वेतन भुगतान एक्ट और कारखाना एक्ट का इससे ज्यादा घोर उल्लंघन और क्या होगा |हजारों परमानेंट मजदूरों को ठेके में नियोजित करना और करीब 50 स्थाई मजदूरों को नोटिस और आरोप पत्र दिए बिना ही उनकी अवैध गेटबंदी करने का कृत्य स्थाई आदेशों और संविदा श्रम अधिनियम और ठेकेदारों के लाइसेंस का घोर उल्लंघन है |डॉल्फिन कंपनी में सभी बुनियादी श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं |किन्तु श्रम विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से मूकदर्शक बने हुए हैं |माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा याचिका संख्या 2128/2024 में पारित आदेश दिनांक 07/08/2024 में ALC रुद्रपुर से अपेक्षा की गई है कि वो अग्रिम वार्ता में ही डॉल्फिन कंपनी में बुनियादी श्रम कानूनों के उल्लंघन पर विधिनुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाएंगे |किन्तु इसके पश्चात् भी श्रम विभाग द्वारा कंपनी मालिक और ठेकेदारों के खिलाफ कोई भी कानूनी नहीं की गई है जो कि अत्यंत संदिग्ध आचरण है |इसीलिए आज महिला श्रमिक आमरण अनशन जैसे आत्मघाती कदम उठाने को मजदूर हैं |
डॉल्फिन मजदूर संगठन के अध्यक्ष ललित कुमार ने कहा कि हम आशा करते हैं कि स्थानीय विधायक शिव अरोरा जी और अपरजिलाधिकारी महोदय अपने वचनों पर क़ायम रहेंगे और कल 18 अक्टूबर को वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान निकाल लेंगे |यदि कल भी समस्या का समाधान ना निकला तो हमारे पास सामूहिक आमरण अनशन शुरू करने के अलावा अन्य कोई विकल्प शेष नहीं रहेगा |क्योंकि विगत 10अक्टूबर को भी विधायक शिव अरोरा जी के आग्रह और 15 अक्टूबर को वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान कराने के आश्वासन के बाद ही हमने आमरण अनशन के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था |किन्तु प्रबंधक संग अब तक भी वार्ता नहीं कराई गईं है जो कि दुःखद है।आज क्रमिक अनशन में प्रभा रानी ,लक्ष्मी, लक्ष्मीदेवी,देव कुमार, आकाश,राम बाबू, उदेश,बैठे और साथ ही कृष्णा देवी, नसीम जहां, फरीदा वी, ममता,नीरज, रजनी, मीना भगवान दास,दिनेश,सहित सैकड़ों श्रमिक भी शामिल रहे।

