रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित 

खबर पड़ताल

देहरादून/सितारगंज से ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष रेशम सिंह की नेतृत्व में प्रधानों की विभिन्न मांगों को लेकर 8 अक्टूबर 2026 को देहरादून में सचिवालय घेराव और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसी क्रम में विकासखंड सितारगंज से बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत प्रधान देहरादून पहुंचे और प्रदेशभर के प्रधानों के साथ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की परेड ग्राउंड में एकत्रित होने के बाद ग्राम प्रधान सचिवालय की ओर रवाना हुए। प्रधान संगठन ने सरकार के सामने 10 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें मनरेगा और VBG-RAM G योजना में श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन किए जाने, अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये तथा कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये किए जाने की मांग प्रमुख रही प्रधानों ने राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त की धनराशि जनसंख्या एवं भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाने, जिला योजना के प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में पारित करने और प्रधान संगठन को जिला योजना में नामित सदस्य बनाए जाने की मांग भी उठाई इसके साथ ही पंचायती राज एक्ट के अंतर्गत आने वाले सभी 29 विभाग पंचायतों को हस्तांतरित करने, विधायक और सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि बनाए जाने तथा 10 लाख रुपये तक के विकास कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाए जाने की मांग की गई ग्राम प्रधानों ने अपने लिए स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, पीएम आवास प्लस सर्वे-2024 के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने और 16वें वित्त से जुड़े ग्राम पंचायतों पर अनिवार्य टैक्स एवं 20 प्रतिशत कटौती के आदेश में संशोधन की मांग भी सरकार के सामने रखी वहीं प्रधानों ने ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को खुली बैठकों में भागीदारी के लिए मानदेय दिए जाने की मांग भी उठाई सितारगंज से पहुंचे ग्राम प्रधानों का कहना है कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन पर्याप्त वित्तीय अधिकार और संसाधन नहीं होने के कारण पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देने में कई व्यवहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं। ऐसे में सरकार को प्रधानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए प्रदर्शन के दौरान प्रधानों ने “प्रधान संगठन एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई अब देखने वाली बात होगी कि सचिवालय घेराव के बाद सरकार ग्राम प्रधानों की इन 10 सूत्रीय मांगों पर क्या निर्णय लेती है और पंचायत प्रतिनिधियों को कितनी राहत मिलती है। इस मौके पर परमजीत सिंह प्रधान नकटपुरा हरप्रीत सिंह हल्दुवा हरेंद्र सिंह चिकाघाट जसविंदर सिंह प्रधान बिज्टी आदि उपस्थित रहे