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  • मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत धनराशि का चेक लाभार्थी को सौंपा

रूद्रपुर। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटी के विवाह में सहयोग के लिए महापौर विकास शर्मा की पहल रंग लाई है। महापौर की संस्तुति पर मुख्यमंत्री राहत कोष से ट्रांजिट कैंप निवासी एक जरूरतमंद परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई है। महापौर ने अपने कार्यालय में लाभार्थी अनु गोस्वामी को सहायता राशि का चेक सौंपते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

ट्रांजिट कैंप निवासी रामू सिंह ने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अपनी पुत्री अनु गोस्वामी के विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध महापौर विकास शर्मा से किया था। परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए महापौर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रार्थना पत्र के साथ अपनी संस्तुति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजी और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।

महापौर की संस्तुति के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से अनु गोस्वामी के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। स्वीकृति के बाद प्राप्त चेक को महापौर विकास शर्मा ने अपने कार्यालय में अनु गोस्वामी को सौंपा। आर्थिक सहायता मिलने पर परिवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महापौर विकास शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से गंभीर बीमारियों के उपचार, दुर्घटना पीड़ितों की सहायता, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह सहित विभिन्न जरूरतों के लिए पात्र लोगों को लगातार आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

महापौर ने कहा कि कई बार आर्थिक अभाव के कारण जरूरतमंद परिवारों के सामने बेटी के विवाह अथवा उपचार जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर कठिन परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं। ऐसे समय में सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता परिवारों के लिए बड़ा संबल बनती है। उनका प्रयास रहता है कि पात्र और वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आर्थिक सहायता का लाभ समय पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में किसी भी जरूरतमंद परिवार को यदि शासन स्तर से मिलने वाली सहायता की आवश्यकता होती है तो उसकी उचित पैरवी और सहयोग के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे। जनसेवा का उद्देश्य केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट और आवश्यकता के समय जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।

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