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रुद्रपुर – संत शिरोमणि कबीर दास के प्रकटोतसव दिवस पर कांग्रेसियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए गए मार्ग पर चलने का आवाहन किया। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी के नेतृत्व में कांग्रेसी रमपुरा स्थित संत कबीर दास की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे जहां उन्होंने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि कवि और संत कबीर दास का जन्म 1398 में काशी में हुआ था और वह अंधविश्वास, व्यक्ति पूजा, पाखंड के धुर विरोधी रहे और जीवन पर्यंत इसका विरोध करते रहे। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएं उत्तर और मध्य भारत में भक्ति आंदोलन को प्रभावित करती रही वह हिंदी साहित्य के भक्ति काल के निर्गुण शाखा के ज्ञानमार्गी उप शाखा के महानतम कवि थे। उन्होंने कहा कि संत कबीर दास सर्वोच्च ईश्वर पर विश्वास रखते थे और सदैव कुरीतियों और कर्मकांड की निंदा करते थे। उनका हिंदू और मुस्लिमों ने अनुसरण किया। कबीर पंथ के लोग उनके अनुयाई रहे। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि कवि हजारी प्रसाद द्विवेदी ने संत कबीर दास को मस्त मौला की संज्ञा दी। उन्होंने कहा की संत कबीर दास सूत कातकर कपड़ा बनाते थे। उन्होंने कहा कि संत कबीर दास के विचार आज भी प्रासंगिक हैं सभी को उनके विचारों को आत्मसात कर उसका अनुसरण करना चाहिए। इससे पूर्व संत कबीर द्वार से कलश यात्रा व प्रभात फेरी निकाली गई जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान पार्षद राजू कोली ,दर्शन कोली ,हिम्मत राम कोली, राजू गुप्ता ,उमा सरकार ,सियाराम कोली, कोमल राम ,राकेश कोली, रामसेवक, सतीश कोली, बाबू विश्वकर्मा, नवीन खेतवाल, जमुना प्रसाद, दीपक सागर, राजवीर सिंह, सुखवंत सिंह, हरप्रीत सिंह, ओमपाल कोली, गब्बर कोली ,राजकुमारी, बबली, लक्ष्मी देवी ,नन्ही देवी, जमुना देवी ,कमला देवी, विद्या रानी ,कांति रानी आदि मौजूद थे।

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