सितारगंज( अश्वनी दीक्षित )भाकपा(माले) ने सितारगंज में बैठक कर 6 जुलाई से अपहृत नाबालिग बालिका की सकुशल वापसी की मांग तथा महिलाओं के प्रति बढ़ते यौन अपराधों को रोकने की मांग को लेकर गोष्ठी आयोजित करने का फैसला लिया इस दौरान भाकपा(माले) नेता अनिता अन्ना ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है महिलाओं के प्रति होने वाले यौन अपराधों पर रवैया बेहद सामान्य है। एक तरह से पूरे सिस्टम में इन अपराधों को लेकर “न्यू नॉर्मल्सी” का रवैया स्थापित हो गया है। इन अपराधों पर बेहद गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्र व राज्य सरकारों को अपराधों पर लगाम लगानी चाहिए। लेकिन केंद्र व राज्य सरकारें कई बार अपराधियों को संरक्षण देती पाई गई है। प्रदेश में अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के वीआईपी नेता की संलिप्तता, लालकुआं दुग्ध संघ के चेयरमैन भाजपा नेता का यौन अपराध में संलिप्त होना या कई अन्य मामले में सरकार अपराधियों को सीधा संरक्षण दे रही है। साथ ही जेन जी आंदोलन में बालिकाओं व महिलाओं के साथ पुलिस व निजी संघी मानसिकता के गुंडों द्वारा बलात्कार की धमकी व शारीरिक छेड़छाड़ का मामला हो या फिर महिला पहलवानों के साथ भाजपा के सांसद ब्रजभूषण सहित तमाम विधायकों का अन्य मामलों में यौन उत्पीड़न में शामिल होना और अपराधियों की गिरफ्तारी ना होने से भाजपा सरकार ने अपराधियों को संरक्षण देने का एक नया माहौल बनाया है। जिससे अब हर छोटा बड़ा अपराधी यौन अपराध करके धार्मिक आड़ में अपने आपको बचाने की कोशिश करते हुए भाजपा में शामिल होने की जुगत में लगा रहता है इसके अलावा पुलिस प्रशासन का नजरिया भी असंवेदनशील हो रहा है। जहां पुलिस कार्यवाही भी करना चाहती है वहां सत्तापक्ष के नेताओं की रोकटोक व पुलिसकर्मियों की कमी आड़े आती है। पुलिस को यौन उत्पीड़न में मामलों में और ज्यादा संवेदनशील बनाने के बजाय “नॉर्मलसी” लाई जा रही है नशा महिलाओं के प्रति होने वाले यौन अपराधों में बहुत बड़ा कारक है। लेकिन सत्ता की आड़ में नशे के बड़े धंधेबाज खूब मुनाफा कमाकर महिलाओं और युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि महिलाओं को सड़कों पर आकर संघर्ष में उतरना होना होगा। इसके लिए सही दिशा व सोच समझ आवश्यक है सबीना ने कहा कि सरकार व प्रशासन का नजरिया छोटी बच्चियों के अपहरण व यौन दुराचार में बेहद लापरवाही भरा, गैर जिम्मेदाराना व असंवेदनशील होते जा रहा है। इसलिए बच्चियां लगातार गायब हो रही है व अपराधी पकड़ से बाहर हैं। आज के टेक्नोलॉजी के दौर में जिन मामलों को तुरंत सुलझा लेना चाहिए उन मामलों में कई महीने लग रहे हैं बैठक में तय किया गया कि 27 सितंबर को महिलाओं के प्रति होने वाले यौन अपराधों के मामले में गोष्ठी आयोजित की जाएगी अन्ना,सबीना,नाजरा,गुर्लाशा, जुनेद,सीमा,उर्मिला,रुकसाना,अनिशा, सन्नो, कमलजहां, राविया, शबाना, आसमा, सयीम, शबनम, मीना, तारा, रिजवाना, हमशिस, नसीम बेगम,अनीसा, नूरजहां व अन्य मौजूद रहे।
