सितारगंज: अश्वनी दीक्षित उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र स्थित नयागांव इन दिनों पीलिया और बुखार जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में है। गांव में 40 से अधिक बच्चों के अचानक बीमार पड़ने और 10 वर्षीय मासूम अल्तमस की उपचार के दौरान दिल्ली में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। एक के बाद एक बच्चों में बुखार, कमजोरी, सीने में दर्द और पीलिया के लक्षण सामने आने से ग्रामीण दहशत में हैं। परिजनों के अनुसार अल्तमस कई दिनों से बीमार था, जिसकी जांच में पीलिया की पुष्टि हुई थी। पहले उसका इलाज रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दुखद बात यह है कि मृतक की बहन भी पीलिया से संक्रमित है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान मैसर जहां ने बताया कि गांव में बीमारी तेजी से फैल रही है और अधिकांश प्रभावित बच्चे हैं। मोहम्मद अरमान, सुप्यान शैरी, मोहम्मद रहमान, मोहम्मद साद, मोहम्मद जुनैर, मोहम्मद उजैफ और मुजाहिद सहित कई बच्चे विभिन्न निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि अनेक बच्चों का इलाज घरों पर ही किया जा रहा है। कई बच्चों को उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पीलिया की पुष्टि की है। गांव में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने से लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दूषित पेयजल और खराब स्वच्छता व्यवस्था बीमारी के प्रसार का प्रमुख कारण हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का व्यापक सर्वे शुरू कर दिया है और बीमारी के स्रोत का पता लगाने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है। टीम घर-घर जाकर मरीजों की जानकारी जुटा रही है, पानी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की जा रही है। एक मासूम की मौत और दर्जनों बच्चों के बीमार होने की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट और उन कदमों पर टिकी हैं, जिनसे इस संभावित स्वास्थ्य संकट पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने की मांग की है।
