रुद्रपुर, 28 सितंबर। शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा उधम सिंह नगर द्वारा सिडकुल पंतनगर के सैक्टर 9 में अपनी कार्यबहाली के लिए संघर्षरत ऐरा (एपेक्स) बिल्डिसिस के मजदूरों के धरना स्थल पर भगतसिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभा की। भगत सिंह की परंपरा से संकल्प लिया गया। साथ ही मज़दूर नेता शंकर गुहा नियोगी को उनके शहादत दिवस पर याद किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज भी समाज में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, असमानता और श्रम के शोषण जैसी समस्याएं मौजूद हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए भगत सिंह के विचारों का अध्ययन करना और उनके द्वारा उठाए गए सामाजिक-आर्थिक सवालों पर गंभीर चर्चा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह जिस शोषणविहीन और समानतापूर्ण समाज की कल्पना करते थे, उसके निर्माण के लिए मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और मेहनतकश जनता की एकजुटता जरूरी है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के ट्रिपल इंजन की सरकार में ऐरा बिल्डिसिस के मजदूर 2017 से कार्य बहाली के लिए संघर्षरत हैं। एन सी एल टी के आदेश के बाद भी नया मालिक पूर्व के मजदूरों को काम पर नहीं रख रहा है। और श्रम विभाग व प्रशासन जिन्हें कोर्ट के आदेशों को लागू कराना सुनिश्चित करना होता है वो फैक्ट्री मालिक की भाषा बोल रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन को यह भलीभांति विदित है की एन सी एल टी की दिल्ली शाखा के निर्देशन में अपेक्स बिल्डसिस लिमिटेड, सेक्टर -09,सिडकुल पंतनगर की नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न हुई। जिसके तहत कम्पनी के स्वामित्व और प्रबंधन को समस्त श्रमिकों और कर्मचारियों सहित जसमृत डिजाइनर को हस्तगत किया गया।जिससे पूर्ण सहमति ब्यक्त करते हुए जसमृत डिजाइनर के स्वामी द्वारा एन सी एल के समक्ष लिखित हलफनामा / शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए उक्त नीलामी प्रक्रिया में वर्णित सभी शर्तों को स्वीकार करने की प्रतिबद्धता ब्यक्त करते हुए उक्त कारखाने के स्वामित्व और प्रबंधन को ग्रहण किया।किन्तु श्रमिकों की आज तक कार्यबहाली नहीं की गईं है। जिसके पश्चात् प्रार्थी यूनियन द्वारा एन सी एल टी की उच्च शाखा एन सी एल ए टी में रिट / याचिका दायर की। जिस पर एन सी एल ए टी द्वारा स्पष्ट आदेश दिया गया कि एन सी एल ए टी के तहत हुई नीलामी प्रक्रिया में वर्णित सभी शर्ते सभी पक्षों पर बाध्यकारी होंगे। इसके पश्चात् भी कम्पनी प्रबंधन द्वारा कारखाने के 102 स्थाई श्रमिकों की आज तिथि तक भी कार्यबहाली नहीं की गईं है। जो कि उक्त नीलामी प्रक्रिया में वर्णित शर्तों, उक्त के क्रम में एन सी एल टी की डबल बैंच यानि एन सी एल ए टी के उक्त आदेशों का और उक्त के क्रम में नये मालिक द्वारा एन सी एल टी के समक्ष प्रस्तुत अपने ही उक्त हलफनामे /शपथपत्र का घोर उल्लंघन है। घोर छल कपट है।जिससे उक्त 102 श्रमिकों और उनके परिवारों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि संघर्षरत ऐरा बिल्डिसिस के मजदूरों का प्रतिनिधि मंडल कुमाऊं कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाने गया तो वहां पर कमिश्नर द्वारा मजदूरों को न्याय प्रदान करने की जगह पुनः एन सी एल टी में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कोर्ट आफ कंडक्ट का केस करने को कहा।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व में ऐसे अनगिनत आदेश पारित किये हैं कि भारत में न्यायालयों / न्यायाधीकरणों द्वारा पारित आदेशों को लागू कराना प्रशासन का संवेधानिक दायित्व है। ऐसा ना करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 256 का घोर उल्लंघन है। साथ ही ऐसे भी आदेश पारित किये हैं कि एन सी एल टी के तहत किसी कारखाने की नीलामी प्रक्रिया में वर्णित शर्त सभी पक्षों पर बाध्यकारी होंगी। जिन्हें किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है। यूनियन द्वारा भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल की थी जिसे माननीय न्यायालय द्वारा एन सी एल टी को हस्तगत कर दिया था। उसके उपरांत ही उक्त कारखाने की नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न हुई थी।स्पष्ट है उक्त नीलामी कार्यवाही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का उक्त आदेश भी समाहित है।
सभा में वक्ताओं ने जिला प्रशासन से ऐरा बिल्डिसिस के मजदूरों की कार्यबहाली सुनिश्चित कराने की मांग की।
सभा को सीएसटीयू के मुकुल, क्रालोस के शिवदेव सिंह, इंकलाबी मजदूर केंद्र के दिनेश, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविन्द्र कौर, एरा श्रमिक संगठन के भरत जोशी, सीआईई इंडिया श्रमिक संगठन के कमल प्रसाद, इंट्रार्क मज़दूर संगठन के हृदयेश कुमार, इन्फ्रा श्रमिक संगठन के राम गोपाल, बजाज ऑटो से संदीप आदि ने संबोधित किया। संचालन मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने किया।
