रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल
बांसुरी निधि लिमिटेड के नाम पर रोजाना छोटी-छोटी किस्तें वसूलकर लगाया चूना, 11 खाता पुस्तिकाएं, 10 बॉन्ड और सात रसीदें बरामद; तीन अन्य की भूमिका भी जांच के घेरे में।सितारगंज आरडी-एफडी के नाम पर लोगों से रोजाना 50, 100 और 150 रुपये जैसी छोटी-छोटी किस्तें जमा कराकर लाखों रुपये की रकम हड़पने के मामले में सितारगंज पुलिस ने वांछित कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक बांसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड के नाम पर करीब 50 से 60 खाताधारकों से लगभग 15 से 20 लाख रुपये एकत्र किए गए और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद खाताधारकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली। मामले में पुलिस ने आरोपी राजेंद्र प्रसाद पुत्र सीताराम, निवासी रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा, पीलीभीत, उम्र 42 वर्ष को दो अक्टूबर की शाम सितारगंज मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस ने विवेचना के दौरान पीड़ितों से 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बॉन्ड पेपर और सात मूल किस्त रसीदें कब्जे में ली हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को कंपनी का फील्ड मार्केटिंग/कलेक्शन एजेंट बताकर लोगों को आरडी-एफडी खाते खुलवाने के लिए तैयार करता था और नियमित रूप से नकद किस्तें वसूलकर खाता पुस्तिकाओं में प्रविष्टि कर हस्ताक्षर करता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पांच जून 2023 को कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में नियुक्त हुआ था और सितारगंज क्षेत्र में खाताधारकों से रकम जुटाने का काम करता था। आरोपी के अनुसार उसने करीब 50-60 लोगों से 15-20 लाख रुपये एकत्र कर अजय गंगवार और राजकुमार गंगवार को दिए तथा अजय गंगवार के कहने पर अपने बैंक खाते से ऑनलाइन रकम भी ट्रांसफर की। खाताधारकों को करीब एक वर्ष में मैच्योरिटी राशि वापस मिलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अवधि पूरी होने के बाद भुगतान नहीं होने पर आरोपी ने क्षेत्र में कलेक्शन का काम बंद कर दिया और करीब छह माह से फरार चल रहा था। दो अक्टूबर को चौकी सिडकुल क्षेत्र में विवेचक उपनिरीक्षक जगत सिंह साही व कांस्टेबल कमल गहतौड़ी को मुखबिर से आरोपी के सितारगंज मंडी में मौजूद होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ और अब तक की विवेचना में अजय गंगवार, राजकुमार गंगवार और गीता देवी की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार अजय गंगवार कंपनी के चेयरमैन, राजकुमार गंगवार मैनेजिंग डायरेक्टर और गीता देवी डायरेक्टर हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2)/3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है और अन्य प्रकाश में आए व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है। मामला FIR संख्या 18/2026, धारा 316(5) बीएनएस के तहत दर्ज है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश, पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक सुन्दरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद मलिक, उपनिरीक्षक जगत सिंह साही, हेड कांस्टेबल मतलूब खान और कांस्टेबल कमल गहतौड़ी की टीम ने की।
