Spread the love

देहरादून -कसौली (हिमाचल प्रदेश):
कसौली के निकट स्थित जोले (जुब्बर) गांव में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति को लेकर एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत “बाल मनोविज्ञान सेवा केंद्र” की स्थापना की जा रही है, जहां बच्चों और उनके परिवारों को निःशुल्क मानसिक परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

विशेषज्ञ के नेतृत्व में पहल

इस केंद्र का संचालन प्रसिद्ध क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं समाजसेवी Dr. Deepak Dhall के मार्गदर्शन में किया जाएगा, जो Institute of Substance Abuse and Allied Services (ISAAS – India) के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं।

इस सामाजिक पहल को सफल बनाने में
Mrs. Sanju Babbar (प्रधानाचार्या, पंजाब पब्लिक स्कूल,Punjab
और
Sh. Pawan Baithla
Uttrakhand prabhari
का विशेष सहयोग रहा, जिसकी व्यापक रूप से सराहना की जा रही है।
स्कूल से हुई शुरुआत
इस पहल की शुरुआत एक स्थानीय स्कूल में आयोजित जागरूकता व्याख्यान से हुई, जिसमें बच्चों को:

  • नशे के दुष्प्रभाव
  • मानसिक तनाव से निपटने के तरीके
  • सही जीवन मूल्यों
    के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इस कार्यक्रम को काफी सराहा।
    “बाल मनोविज्ञान सेवा केंद्र” में बच्चों के लिए निम्न सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी:
  • भावनात्मक एवं व्यवहारिक परामर्श
  • नशा रोकथाम जागरूकता
  • अभिभावक मार्गदर्शन
  • तनाव और चिंता प्रबंधन
  • ध्यान एवं व्यक्तित्व विकास
    राष्ट्रीय स्तर पर
    यह पहल Alcoholics Anonymous India के नेटवर्क से भी जुड़ी हुई है। जरूरतमंद लोगों को फ्री AA मीटिंग्स के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
    इस पहल का उद्देश्य केवल एक केंद्र खोलना नहीं, बल्कि:
  • बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देना
  • गांव और परिवारों में जागरूकता फैलाना
  • नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करना है!डॉ. ढल्ल ने कहा:
    “हर बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ जीवन का हकदार है। यदि कोई बच्चा मानसिक तनाव या गलत आदतों से जूझ रहा है, तो यह केंद्र उसके लिए हमेशा निःशुल्क उपलब्ध रहेगा।”
    “बाल मनोविज्ञान सेवा केंद्र” एक छोटी शुरुआत है, लेकिन इसका उद्देश्य बहुत बड़ा है —
    एक नशामुक्त, जागरूक और मानसिक रूप से सशक्त समाज का निर्माण .

You cannot copy content of this page