सितारगंज:(अश्वनी दीक्षित) उधम सिंह नगर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या के प्रयास और लूट के सनसनीखेज मामले में डेढ़ साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश चेतन सिंह बिष्ट को आखिरकार मथुरा रेलवे स्टेशन से धर दबोचा है। कोतवाली सितारगंज पुलिस और कुमाऊँ एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर यह कार्रवाई की, जहां आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर खानाबदोश की तरह जीवन यापन कर रहा था। यह वही शातिर अपराधी है जिसने 1 फरवरी 2025 की रात सितारगंज बाईपास स्थित एसएच हॉस्पिटल के सामने एक गरीब चाय विक्रेता राकेश सक्सेना पर कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर उसे मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की थी और लूटपाट कर फरार हो गया था। हमले के बाद पीड़ित को खून से लथपथ हालत में अगली सुबह उसके परिजनों ने खोखे में पड़ा पाया, जो आज तक गंभीर अवस्था में बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर एक आरोपी और 7 दिन के भीतर दूसरे आरोपी को मुठभेड़ व कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी चेतन सिंह बिष्ट लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। पुलिस ने उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करते हुए 10 हजार का इनाम घोषित किया, बावजूद इसके वह गिरफ्त से बाहर रहा। आखिरकार पुलिस की सतत निगरानी, खुफिया तंत्र और एसटीएफ के संयुक्त प्रयासों ने उसे कानून के शिकंजे में ला ही दिया। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। इस साहसिक अभियान में प्रभारी निरीक्षक सुन्दरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद सहित सितारगंज पुलिस और एसटीएफ कुमाऊँ के अधिकारियों व जवानों की अहम भूमिका रही, जिनकी कार्यकुशलता से एक लंबे समय से फरार अपराधी को आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
