सितारगंज में आशा कार्यकर्ताओं का 15 वें दिन भी मानदेय बड़ाने को लेकर कार्य बहिष्कार जारी है कांग्रेस नेता पूर्व विधायक नारायण पाल अपनी पत्नी कामिनी पाल के साथ कृषि अनाज मंडी स्थित अपना समर्थन देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के धरना स्थल पर पहुंचे उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की पीड़ा को सुना और सरकार के रवैईये पर सवाल खड़े किए है उन्होंने कहा एक आशा पूरा जीवन सरकार के कार्यों में लगती है लेकिन उसको 9 हजार 300 रूपये मिल रहे हैं जिसमें ₹100 काट दिए जाते हैं और रिटायरमेंट होने के बाद उसको एक भी रुपए नहीं मिल रहा है उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने ₹1600 और मानदेय बढ़ाने का आदेश भी दिया था लेकिन वह रुपए भी नहीं बढ़ाए गए हैं उन्होंने कहा मैं विधायक रहा हूं मेरी पेंशन 1 लाख रूपये से ऊपर है लेकिन जो आशा वर्कर 20 डिपार्टमेंट का काम देखती हैं और पूरा जीवन सरकारी कार्यों में लगा रही है उसको मजदूर के बराबर भी तनखाह नहीं मिल रही है और रिटायर होने पर कुछ भी नहीं दिया जा रहा है यह सरासर गलत है आशा वर्करो ने कहा कि जो ₹100 प्रति मांह काटे जाते हैं प्रदेश में 35 हजार से ज्यादा आशा वर्कर हैं जो पैसा आशा वर्करो का जमा होता है वह पैसा रिटायरमेंट पर दिया जाना चाहिए। आशा वर्करों ने कहा कि अगर हमारा मानदेय नहीं बढ़ाया गया तो हम कार्य बहिष्कार पर रहेंगे उन्होंने कहा बीएलओ के कार्य अभी अधूरे है अगर सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो हम कार्य पर वापस नहीं जाएंगे। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि जिला कलेक्ट्रेट पर आशा वर्करो के साथ विशाल धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा
