पंतनगर । 30 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य एवं पोषण विभाग द्वारा न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (एनएसआई), पंतनगर चैप्टर के सहयोग से एसपीएआरके-पीएमओएस अध्ययन का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम श्रीमती एस. जे. शिंदे समिति कक्ष में आयोजित हुआ। अध्ययन का उद्देश्य छात्राओं में पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) के प्रति धारणा, जागरूकता, ज्ञान एवं भ्रांतियों का आंकलन करना है। अध्ययन में विश्वविद्यालय के आठ महाविद्यालयों की कुल 480 छात्राओं को शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एस.के. कश्यप ने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरित क्रांति ने देश में खाद्य उत्पादन एवं खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्तमान में चुनौती केवल पर्याप्त भोजन की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि पोषण सुरक्षा, संतुलित आहार तथा जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने सामुदायिक विज्ञान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विषय मानव जीवन, पोषण, स्वास्थ्य, परिवार एवं समग्र कल्याण से सीधे जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम में डा. रीता रघुवंशी, संयोजक, एनएसआई पंतनगर चैप्टर ने एसपीएआरके-पीएमओएस अध्ययन का परिचय एवं इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डा. अर्चना कुशवाहा, सचिव, एनएसआई पंतनगर चैप्टर एवं परियोजना प्रमुख, एसपीएआरके-पीएमओएस ने अध्ययन के उद्देश्यों एवं प्रस्तावित कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं निदेशकगण, विभागाध्यक्ष तथा एनएसआई पंतनगर चैप्टर के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डा. नीतू डोभाल, कोषाध्यक्ष, एनएसआई पंतनगर चैप्टर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
