– धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासतः महापौर

रुद्रपुर। भगवान महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में नगर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा का नगर निगम गेट पर महापौर विकास शर्मा के नेतृत्व में पार्षदों और नगर निगम की टीम ने पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान नगर निगम की ओर से बनाए गए स्वागत मंच पर वाल्मीकि समाज के प्रमुख लोगों को सम्मानित किया गया। साथ ही शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। शोभायात्रा में सजी आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। महापौर विकास शर्मा ने झांकियों की सराहना करते हुए उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

 

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि का जीवन, उनके विचार और उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर समाज को सत्य, धर्म, सदाचार, त्याग और मर्यादा का मार्ग दिखाया। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों पर चलकर समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

 

महापौर ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजन हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ ही महापुरुषों के जीवन और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपने ज्ञान और साहित्य के माध्यम से समाज को जो दिशा दी, वह युगों युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करती रहेगी। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें और समाज में सकारात्मकता का वातावरण तैयार करें।

 

विकास शर्मा ने कहा कि धार्मिक शोभायात्राएं और सांस्कृतिक आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़ने का कार्य करते हैं। इनमें लोगों की सहभागिता से आपसी मेलजोल बढ़ता है और सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। उन्होंने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध बनाते हैं। महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भागीदारी और आकर्षक झांकियां हमारी समृद्ध परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाती हैं।

 

महापौर ने कहा कि नगर निगम सभी धार्मिक पर्वों और सांस्कृतिक आयोजनों को आपसी भाईचारे तथा उत्साह के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नगर निगम की ओर से हर त्योहार को यादगार बनाने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान मंदिरों की सजावट और साफ सफाई के विशेष इंतजाम किए गए थे। दुर्गा पूजा के लिए पंडालों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया। इसी तरह भगवान महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव के अवसर पर भी मंदिरों की सजावट और नगर निगम परिसर में स्वागत की विशेष तैयारियां की गईं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल मिल सके और धार्मिक आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हो सकें।

 

उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल शहर में विकास कार्य कराना ही नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द को भी संरक्षित रखना है। शहर के विकास के साथ साथ सांस्कृतिक मूल्यों को संजोना भी जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में नगर निगम की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाता रहेगा। स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। महापौर ने वाल्मीकि समाज के लोगों को प्रकटोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज की एकता, परिश्रम और सहभागिता शहर की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और रुद्रपुर को स्वच्छ, सुंदर तथा विकसित बनाने में सहयोग करने की अपील की।

 

इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री रामपाल सिंह, धीरेंद्र मिश्रा, विराट आर्य, पार्षद राजेश जग्गा, पवन राणा, विष्णु, पवन गाबा, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, अमित अरोरा, अमित नारंग, प्रमोद मित्तल, हरजीत राठी, इंद्रजीत सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुकेश राजोरिया, सोनू मुल्तानी, बिट्टू वाल्मीकि, विकास और शोभित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।