रिपोर्टर अश्वनी दीक्षित
खबर पड़ताल
सितारगंज। आंगनबाड़ी केंद्र राजनगर-4 में बुधवार को आंगन-मिलन समारोह का आयोजन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। समारोह के दौरान बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया और उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार से हुई। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए भावगीत, अंग्रेजी कविता एवं परिचय (इंट्रोडक्शन) प्रस्तुत किए। नन्हे बच्चों की आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों को देखकर कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और अभिभावकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती शिखा हालदार, रानी माली ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और समग्र विकास की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया और कहा कि छोटी उम्र में बच्चों को प्रोत्साहन मिलने से उनके अंदर आत्मविश्वास और सीखने की भावना विकसित होती है।इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बाल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अभिभावकों को जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक आहार और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया।समारोह में जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्रीमती संगीता दे, बीडीओ दीपिका मालाकार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीति मिस्त्री सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि बच्चों के प्रारंभिक विकास में पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवार की सहभागिता का महत्वपूर्ण योगदान है।कार्यक्रम के अंत में बच्चों को पुरस्कार एवं प्रोत्साहन सामग्री देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ अभिभावकों को भी बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम हैं।

