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युकां ने खोली विधायक पुत्र अतुल पांडे की कथित जालसाजी की परतें

विधायक पुत्र अतुल पर जनजाति समाज की 3 एकड़ भूमि हथियाने का आरोप

भूमि घोटाले को लेकर सियासी घमासान :यूथ कांग्रेस ने विधायक पुत्र को बताया भू माफिया

बुक्सा जनजाति समाज की भूमि 24 घंटे में हुई भूमिधरी, 9 साल बाद बेचने का आरोप

गदरपुर। उत्तराखंड की राजनीति गलियारों में एक बार फिर भूमि घोटाले को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के पुत्र अतुल पांडे पर बुक्सा जनजाति समाज की भूमि को जालसाजी से हथियाने और बाद में बेचने का आरोप लगाकर युवक कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर ने प्रेस वार्ता कर कहा कि यह मामला केवल जमीन का नहीं,बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों को कुचलने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 में राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद उप जिलाधिकारी कार्यालय बाजपुर में धारा 229-बी के अंतर्गत एक वाद दर्ज कराया गया था। भुल्लर के अनुसार, बुक्सा जनजाति समाज की जिस भूमि पर विवाद था, उसे राजस्व अधिकारियों की रिपोर्ट लगने के बाद मात्र 24 घंटे के भीतर भूमिधरी घोषित कर दिया गया। यह आदेश दिनांक 20 जनवरी 2011 को तत्कालीन सहायक कलेक्टर/उप जिलाधिकारी प्रथम श्रेणी बाजपुर फिंचाराम चौहान द्वारा दिया गया था।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी जल्दी किस आधार पर भूमिधरी का आदेश पारित किया गया उन्होंने कहा कि आम आदमी के मामलों में वर्षों तक फाइलें तहसील में धूल फांकती रहती हैं,लेकिन यहां सत्ता से जुड़े व्यक्ति के लिए कानून को रातों-रात बदल दिया गया। भुल्लर ने आरोप लगाया कि भूमिधरी घोषित कराने के बाद वर्ष 2020 में उक्त भूमि को आगे बेच दिया गया,जिससे यह स्पष्ट होता है कि शुरुआत से ही मंशा जमीन हड़पने और मुनाफा कमाने की थी। उन्होंने इसे संगठित भू-माफिया गतिविधि करार दिया।
प्रेस वार्ता में दस्तावेज़ दिखाते हुए भुल्लर ने कहा कि जनजाति समाज की जमीन को बेचकर न केवल कानून का उल्लंघन किया गया,बल्कि संवैधानिक संरक्षण प्राप्त आदिवासी अधिकारों पर भी सीधा हमला किया गया है। यूथ कांग्रेस ने भाजपा विधायक अरविंद पांडे पर आरोप लगाया कि उनके संरक्षण में इस पूरे प्रकरण को अंजाम दिया गया। भुल्लर ने कहा कि यदि विधायक का इसमें कोई रोल नहीं था तो वे स्वयं जांच की मांग क्यों नहीं कर रहे है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी तो युवक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। जनजाति समाज को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब देखना होगा कि आरोपों से घिरी भाजपा और प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। वहीं अचानक सुमित्तर भुल्लर के निवास पर पहुंचे विधायक अरविंद पांडे से इस संबंध में वार्तालाप की गई तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब ना देते हुए बात को घुमा दिया

इनसेट
गदरपुर। जनजाति समाज की भूमि से जुड़ी कथित जालसाजी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिन गावाहो के शपथ पत्रों के आधार पर जनजाति समाज की भूमि को भूमिधरी किया गया। हैरानी की बात तो यह है कि उस पर किसी भी व्यक्ति के हस्ताक्षर मौजूद नहीं थे। शपथ पत्र में ग्राम प्रधान सेमलपुरी,बाजपुर सहित नारायण सिंह, प्रीतम सिंह, कन्हाई सिंह और तुला सिंह के नाम गवाह के रूप में अंकित किये गए है लेकिन दस्तावेज़ पूरी तरह बिना हस्ताक्षर के पाए गए। जोकि पूरे प्रकरण को और संदेहास्पद बनाता है और राजस्व अधिकारियों की कार्य प्रणाली को उजागर करता है।

इनसेट
गदरपुर में बुक्सा समाज को लेकर सियासत अब खुलकर सामने आ गई है। श्रद्धेय राजा जगत देव के नाम पर भाजपा और कांग्रेस,दोनों ही दल जनजाति समाज को रिझाने की होड़ में जुटे दिखाई दे रहे हैं। पहले भाजपा विधायक और संगठन के प्रदेश मंत्री द्वारा बुक्सा समाज को साधने के लिए राजा जगदेव की मूर्ति की स्थापना कर राजनीतिक संदेश दिया गया। अब उसी भाजपा पर बुक्सा समाज की जमीन को जालसाजी से हड़पकर बेचने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस इस मुद्दे को जनजाति समाज के अधिकारों से जोड़कर भाजपा को घेरने में लगी है, तो भाजपा की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। जानकारों का कहना है कि श्रद्धा और सम्मान के नाम पर शुरू हुई यह कवायद अब सीधे वोट बैंक की राजनीति में तब्दील हो चुकी है। सवाल यह है कि बुक्सा समाज को सम्मान मिलेगा या फिर वह केवल राजनीतिक मोहरे बनकर रह जाएगा।

इनसेट
नाटकीय अंदाज़ में सुमित्रर भुल्लर के आवास पर पहुंचे अरविंद पांडे

गदरपुर। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस वक्त सियासी माहौल और गर्मा गया, जब भाजपा विधायक अरविंद पांडे अचानक उनके निवास पर पहुंच गए। प्रेस वार्ता में जहां भुल्लर विधायक पुत्र पर बुक्सा समाज की भूमि हड़पने के गंभीर आरोप लगा रहे थे,वहीं उसी समय विधायक की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को नाटकीय बना दिया। विधायक के पहुंचते ही मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और मीडिया की निगाहें टिक गईं। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से एक दूसरे से हाथ मिलाया ओर विधायक ने सुमित्तर को अपना छोटा भाई बताया। हालांकि किसी प्रत्यक्ष टकराव की स्थिति नहीं बनी, लेकिन इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को और अधिक चर्चा में ला दिया।

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