
मुख्यमंत्री से विधानसभा की 2 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की मांग


किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने उत्तराखण्ड विधानसभा में नियम-300 के अंतर्गत प्रदेशभर में बढ़ती आवारा/छुट्टा पशुओं की समस्या को गंभीर जनहित का विषय बताते हुए सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि किच्छा सहित पूरे उत्तराखण्ड में सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर आवारा पशुओं के खुले में घूमने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक बेहड़ ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से रात्रि के समय अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई स्थानों पर पशु सड़कों के बीच बैठ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशु किसानों के खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए रात-रात भर खेतों में पहरा देना पड़ रहा है, जिससे उन्हें मानसिक एवं शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर क्षेत्रों में भी बाजारों, गलियों तथा मुख्य मार्गों पर पशुओं के जमावड़े से आमजन को आवागमन में भारी असुविधा होती है।
विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि यह समस्या अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे प्रदेश में गंभीर रूप ले चुकी है, इसलिए सरकार को इसके स्थायी समाधान के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
इसी क्रम में विधायक तिलक राज बेहड़ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से व्यक्तिगत मुलाकात कर किच्छा क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए। उन्होंने अटरिया-नगला रोड तथा शिमला पिस्तौर-कुर्रेय्या रोड के शीघ्र निर्माण की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक स्वीकृति देने का आश्वासन दिया।
विधायक ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।








