
किच्छा एवं सिरौली कला में नगर निकाय चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दाखिल कर बार-बार अवरोध उत्पन्न किए जाने से नाराज क्षेत्र की जनता ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में लोग हाथों में तख्तियां लेकर नई मंडी किच्छा में एकत्र हुए और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए किच्छा परगनाधिकारी कार्यालय तक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन भेजकर सिरौली कला को किच्छा से अलग रखते हुए दोनों स्थानों पर अलग-अलग नगर निकाय चुनाव कराने की मांग की।
सुबह करीब 10:30 बजे से ही नई मंडी किच्छा में किच्छा नगर पालिका एवं सिरौली कला के विभिन्न वार्डों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। प्रदर्शनकारी “सिरौली कला को अलग रखो”, “दोनों जगह अलग चुनाव कराओ” जैसे नारे लगाते हुए कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उनके अनुरोध पर सिरौली कला को अलग नगर पालिका का दर्जा दिया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी को यह निर्णय स्वीकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने कथित वोट बैंक के हित में क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ के करीबी लोगों के माध्यम से उच्च न्यायालय में रिट दाखिल कर चुनाव प्रक्रिया को उलझा दिया।
शुक्ला ने कहा कि पिछले एक वर्ष से किच्छा नगर पालिका और लगभग छह वर्षों से सिरौली कला का मामला अदालत में लंबित रहने से विकास कार्य ठप पड़े हैं और करोड़ों की योजनाओं से क्षेत्र वंचित है, जिसकी सीधी जिम्मेदारी कांग्रेस पर है।
पूर्व प्रधान सिरौली कला नासिर खान ने कहा कि जब सिरौली कला किच्छा नगर पालिका का हिस्सा था, तब इस क्षेत्र की लगातार उपेक्षा हुई। अलग नगर पालिका बनने से विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं की जिद के कारण मामला कोर्ट में लटका है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी नगर पालिका और विधानसभा चुनावों में जनता इसका जवाब देगी और स्पष्ट किया कि “हम इंसान हैं, वोट बैंक नहीं।”
सभा को संबोधित करते हुए सिरौली निवासी विधान मलिक, नाजिम मलिक सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि धामी सरकार ने सिरौली कला को नगर पालिका का दर्जा देने के साथ-साथ नगरीय क्षेत्रों में आबादी को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की है, जो कांग्रेस को स्वीकार नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मंशा उजागर हो चुकी है और जनता अब जागरूक है।











