
- राजनीति के बीच मानवता की मिसाल,खुद एम्बुलेंस बुलाकर कराया भर्ती
रुद्रपुर। महापौर विकास शर्मा ने एक बार फिर साबित किया है कि उनके सख्त फैसलों के पीछे एक बेहद संवेदनशील और कोमल हृदय भी धड़कता है। शहर के रम्पुरा क्षेत्र में एक गरीब परिवार की लाचारी और 28 वर्षीय युवक की मौत से जंग की खबर मिलते ही महापौर ने सारे काम छोड़ दिए और मदद के लिए खुद उसके द्वार जा पहुँचे।


महापौर विकास शर्मा नगर निगम कार्यालय में फाइलों और रूटीन बैठकों में व्यस्त थे, तभी पार्टी कार्यकर्ता ममता सैनी और सरोज रानी ने उन्हें एक सूचना दी। सूचना रम्पुरा निवासी दीपक की थी, जो महज 28 साल की उम्र में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। परिवार इतना लाचार है कि उचित उपचार तो दूर, उसे अस्पताल ले जाने तक की स्थिति में नहीं है। इस सूचना को सुनते ही महापौर का मन विचलित हो उठा। उन्होंने न तो फाइलें निपटाईं और न ही इंतजार किया, बल्कि सीधे रम्पुरा की तंग गलियों की ओर निकल पड़े।
जब महापौर दीपक के घर पहुँचे, तो दृश्य विचलित करने वाला था। पीलिया से बेदम दीपक बिस्तर पर पड़ा जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था और उसके पास केवल आंसू थे। महापौर ने न केवल दीपक का हाल जाना, और उसे ढांढस भी बंधाया। उन्होंने मौके से ही चिकित्सा अधिकारियों को फोन लगाया और स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। महापौर ने तत्काल एम्बुलेंस मंगवाई और खुद खड़े होकर युवक को जिला अस्पताल भिजवाया। उन्होंने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और युवक की जान बचाना ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
बीमारी के संक्रमण को देखते हुए महापौर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाया। उन्होंने न केवल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की, बल्कि दीपक के निवास स्थान और आसपास के क्षेत्र में सघन सफाई अभियान चलवाकर कीटनाशकों का छिड़काव भी कराया, ताकि बीमारी और न फैले।
इस दौरान महापौर विकास शर्मा ने कहा पद और प्रतिष्ठा सेवा के माध्यम हैं। नगर निगम केवल नालियों और सड़कों के लिए नहीं है, बल्कि यह हर उस नागरिक का सहारा है जो खुद को लाचार महसूस करता है। दीपक जैसे युवाओं का जीवन बचाना ही हमारा वास्तविक कर्तव्य है। मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा है और मेरा संकल्प है कि रुद्रपुर का कोई भी नागरिक अभाव के कारण दम न तोड़े।








