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  • महापौर विकास शर्मा ने किया भव्य शोभा यात्रा का शुभारंभ

रुद्रपुर । ऋतुराज बसंत के आगमन और बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार को रुद्रपुर की अधिष्ठात्री देवी मां अटरिया के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान रहा। आस्था और परंपरा का निर्वहन करते हुए रम्पुरा स्थित प्राचीन मंदिर से मां अटरिया देवी का पवित्र ध्वज भव्य शोभा यात्रा के माध्यम से अटरिया मंदिर ले जाया गया, जहाँ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इसे स्थापित किया गया। इस दौरान समूचा मार्ग मां के भक्तों की पुष्पवर्षा और गगनभेदी जयकारों से भक्तिमय बना रहा।

पवित्र ध्वज यात्रा और शोभा यात्रा का विधिवत शुभारंभ रम्पुरा स्थित मां अटरिया मंदिर में महापौर विकास शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने ध्वज का पूजन कर यात्रा को प्रस्थान कराया। अटरिया मंदिर की महंत श्रीमती पुष्पा देवी के सानिध्य में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने मां अटरिया देवी से समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की मंगल कामना की। उन्होंने कहा बसंत पंचमी का यह पावन पर्व हमें प्रकृति के नवीन सृजन का संदेश देता है और मां अटरिया स्वयं प्रकृति स्वरूपा हैं, जिनकी असीम अनुकंपा इस नगर पर सदैव बनी रहती है। हर वर्ष बसंत पंचमी पर निकलने वाली यह भव्य ध्वज यात्रा मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी उस प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति का जीवंत उदाहरण है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।

महापौर ने आगे कहा आज रुद्रपुर जिस तेजी से प्रगति और विकास की राह पर अग्रसर है, उसके पीछे मां अटरिया का आशीर्वाद और भक्तों की अटूट श्रद्धा है। यह ध्वज हमारे विश्वास और एकता का प्रतीक है, जो हमें शांति और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हमारी आने वाली पीढ़ी को भी अपनी इन धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए।

इस पावन अवसर पर मंदिर के सचिव पंडित अरविंद शर्मा, पार्षद गिरीश पाल, वीनू, पार्षद प्रतिनिधि चंद्रसेन कोली, संतोष गुप्ता, पूर्व सभासद हरपाल सिंह, सौरभ गुप्ता, किशन सुखीजा, रोहित गुप्ता, पंकज गॉड, कमल, राकेश गुप्ता, मोहित कोहली, आनंद शर्मा, नाथूलाल गुप्ता, रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भक्तगण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण के साथ ही धार्मिक भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

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