
सितारगंज:(अश्वनी दीक्षित) क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्राम पिपलिया नंबर-2, थाना गदरपुर निवासी मनोज सरदार ने कोतवाली सितारगंज में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी बहन को ससुराल पक्ष द्वारा लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण उसका जीवन लगातार कष्टदायक बना हुआ था। परिजनों के अनुसार कई बार हालात बिगड़ने पर वह मायके आ जाती थी, लेकिन समझौते के बाद उसे फिर ससुराल भेज दिया जाता था। आरोप है कि 21 मार्च 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच फोन के माध्यम से बहन की तबीयत अचानक खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन जब परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उसकी मौत पहले ही हो चुकी है और परिस्थितियां बेहद संदिग्ध थीं। मायके पक्ष का कहना है कि घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई और पूरे मामले को आत्महत्या बताकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की गई, जबकि उन्हें आशंका है कि लगातार हो रही प्रताड़ना के चलते यह एक गंभीर आपराधिक घटना हो सकती है।पीड़ित ने पति दिलीप मंडल को विवादों का मुख्य कारण बताते हुए आरोप लगाया कि वह अक्सर झगड़े करता था और परिवार के अन्य सदस्य—शंकरी मंडल, मौसी सास डौगो सिकदार, देवर भागीरथ सिकदार, देवर विधान सिकदार, ननद संध्या, ननद शीला और ननद कुडी—भी बहन को ताने देने, मानसिक दबाव बनाने और विवादों को बढ़ाने में शामिल रहते थे। पीड़ित परिवार ने पुलिस से पूरे मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष व गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की उचित धाराओं में कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजन न्याय की मांग को लेकर पुलिस से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।










