
हल्द्वानी (नैनीताल)।
हल्द्वानी के दमुवाढूंगा और बेड़ी खत्ता क्षेत्र में चल रहा सीवर लाइन प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों के लिए सुविधा कम और परेशानी अधिक बनता जा रहा है। विकास के नाम पर शुरू किया गया यह कार्य अब आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि क्षेत्रवासियों को धूल, कीचड़ और गड्ढों के बीच रोजमर्रा की जिंदगी गुजारनी पड़ रही है, जबकि राहत की कोई ठोस समयसीमा भी सामने नहीं आ रही है।स्थानीय निवासी आयुष सिलीकोटी से हुई विशेष बातचीत में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आयुष के अनुसार सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क के पुनर्निर्माण में अभी करीब एक वर्ष तक का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यप्रणाली अत्यंत सुस्त है। सड़कों की खुदाई कर दी गई, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है।धूल, कीचड़ और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है
खुदी पड़ी सड़कों के कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर उड़ती धूल से सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, वहीं बरसात के दिनों में यही गड्ढे कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का डर बना हुआ है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि एक सड़क को बनने में एक वर्ष का समय लगेगा, तो तब तक बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का यहां रहना दूभर हो जाएगा। एंबुलेंस और अन्य आपात सेवाओं की आवाजाही भी बाधित हो रही है, जिससे गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो सकता है।जनता में बढ़ता आक्रोश, जवाबदेही तय करने की मांगस्थानीय लोगों में प्रशासन और संबंधित विभागों के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समयबद्ध और चरणबद्ध तरीके से काम किया जाता, तो हालात इतने खराब नहीं होते। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सीवर लाइन का कार्य जल्द पूरा कर सड़कों का पुनर्निर्माण शीघ्र कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।फिलहाल दमुवाढूंगा और बेड़ी खत्ता के लोग विकास के इस अधूरे काम की कीमत रोजाना चुकाने को मजबूर हैं। सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते चेत जाएगा या जनता को अभी लंबे समय तक धूल और गड्ढों में ही ‘विकास’ झेलना पड़ेगा।










