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सितारगंज:(अश्वनी दीक्षित) उधम सिंह नगर जनपद में जल संरक्षण एवं कृषि संतुलन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के आदेशानुसार वर्ष 2025 के बाद ग्रीष्मकालीन धान को निरंतर प्रतिबंधित किया गया है, जिसके तहत 01 फरवरी से 30 अप्रैल तक सम्पूर्ण जनपद में धान की बुवाई, रोपाई एवं नर्सरी लगाना पूर्णतः वर्जित रहेगा, जबकि खरीफ धान की सीधी बुवाई एवं नर्सरी 01 मई से 30 जून तक तथा रोपाई 01 जून के उपरांत ही की जा सकेगी। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु तहसीलवार समितियों का गठन कर कृषि, गन्ना एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर किसानों व जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का व गन्ना जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी गांव में प्रतिबंध के बावजूद धान की नर्सरी पाई जाती है तो उसे पुलिस बल के साथ तत्काल नष्ट कराया जाएगा तथा सूचना न देने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसी क्रम में किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा 30 जनवरी 2026 को पंचायत घर गुरुग्राम, शक्तिफार्म विकासखंड सितारगंज में भव्य कृषक गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वी.के.एस. यादव ने अधिक से अधिक किसानों से भागीदारी कर मक्का आधारित खेती को बढ़ावा देने की अपील की है।

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