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रुद्रपुर राज्य कर विभाग द्वारा मुख्य बाजार से व्यापारी की गाड़ी को जाँच के नाम प्रवर्तन कार्यालय पर ले जाने को लेकर व्यापार मंडल ने कड़ा रोष जाहिर करते हुए विभाग के रामपुर रोड स्थित कार्यालय पर रात को धरना प्रदर्शन किया, गुस्साए व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई करने से व्यापारियों का मानसिक उत्पीड़न होता है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कल देर शाम राज्यकर विभाग की प्रवर्तन टीम द्वारा काशीपुर बायपास रोड पर व्यापारी की गाड़ी को रोककर पत्रों के जांच के नाम पर रामपुर रोड स्थित प्रवर्तन कार्यालय पर ले जाकर खड़ी की गई जैसे ही व्यापार मंडल के पदाधिकारीयों को घटना की जानकारी मिली तो व्यापारी मे गुस्सा फैल गया व प्रवर्तन कार्यालय के बाहर इकट्ठा होने शुरू हो गए और वहां पर सहायक आयुक्त के कार्यालय के अंदर धरने पर बैठकर व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जब प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा रोड़ों पर दिन रात गाड़ियां को चेक किया जाता है तो बाजार क्षेत्र में गाड़ीया को क्यों चेक किया जा रहा है? इससे न केवल छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न होता है बल्कि यह साबित होता है कि अधिकारीयों की निगाह में व्यापारी गलत है, व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि छोटी-छोटी गलतीयों पर भी प्रवर्तन विभाग द्वारा हजारों-लाखों रुपए का आर्थिक दंड लगाकर व्यापारियों की कमर तोड़ी जा रही है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि अगले कुछ ही दिनों में त्योहारी सीजन प्रारंभ होने जा रहा है ऐसे में अगर राज्यकर विभाग व्यापारियों को परेशान करेगा तो व्यापारी विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन बाजार बंद कर देंगे, विभाग व्यापारियों को चोर न समझे बल्कि व्यापारी राज्य की आय का मुख्य स्रोत है।

धरना करीब एक घंटे तक चला जिस पर सहायक आयुक्त प्रदीप चंद्रा और व्यापार मंडल के पदाधिकारीयों के बीच सहमति बनी की हाईवे स्थित चुंगीयों के बाहर व्यापारियों गाड़ीयो के पत्रों की जांच की जाएगी मगर बाजार क्षेत्र में गाड़ी के कागज चेक नहीं किए जाएंगे, जिस पर व्यापारी शांत हुए व धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।
इस मौके पर गदरपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक बेहड,कोषाध्यक्ष संदीप राव, राजेश कामरा, पवन गाबा, राजकुमार सीकरी, सोनू खुराना, अंश अग्रवाल, पारस अरोड़ा, रजत सेठी, सतीश अरोड़ा,सोनू गाबा,मेहुल सेठी सहित अनेकों व्यापारी मौजूद थे

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